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खेलों इंडिया 2023: किसान के बेटे का कमाल, नौकायन में जीता गोल्ड
Tue, 30 May 2023 03:37 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 30 May 2023 03:37 PM IST
सार
शोभित के पिता राकेश गांव में रहकर खेती करते हैं। उनकी मां सुधा पांडेय सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। फाइनल में बेटे का उत्साहवर्धन करने पिता भी रामगढ़ताल पहुंचे थे। शोभित के गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिता के आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर्व गर्व हो रहा है।
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पिता राकेश पांडेय के साथ रोइंग प्रतियोगिता के गोल्ड मेडलिस्ट शोभित पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
देवरिया के रहने वाले किसान के बेटे शोभित पांडेय ने कमाल कर दिया है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के अंतर्गत रामगढ़ताल में आयोजित रोइंग प्रतियोगिता के 2000 मीटर डबल ओपेन स्पर्धा के फाइलन मुकाबले में शोभित ने गोल्ड मेडल जीतकर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों में हर्ष व्याप्त है।
देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के धौला पंडित गांव निवासी राकेश पांडेय के बड़े बेटे शोभित की शुरुआती पढ़ाई गांव के पास एक निजी स्कूल में हुई। कक्षा 10वीं पढ़ाई करने अपने चाचा के पास अंडमान चले गए। उनके चाचा अंडमान पुलिस में तैनात हैं। वह वाटर स्पोर्ट्स से भी जुड़े हुए हैं।
शोभित का मन पढ़ाई में थोड़ा कम लगता था, तो चाचा ने शोभित को रोइंग खेलने के लिए प्रेरित किया। इंटर की पढ़ाई के बाद शोभित ग्रेजुएशन के लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में एडमिशन लिया। जब उन्हें रोइंग प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से गोरखपुर जाने की खबर मिली तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सोमवार को 2000 मीटर डबल ओपेन स्पर्धा में प्रथम स्थान पाने के बाद उनकी खुशी दोगुनी हो गई।
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गांव में रहकर खेती करते हैं शोभित के पिता
शोभित के पिता राकेश गांव में रहकर खेती करते हैं। उनकी मां सुधा पांडेय सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। फाइनल में बेटे का उत्साहवर्धन करने पिता भी रामगढ़ताल पहुंचे थे। शोभित के गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिता के आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर्व गर्व हो रहा है।
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देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के धौला पंडित गांव निवासी राकेश पांडेय के बड़े बेटे शोभित की शुरुआती पढ़ाई गांव के पास एक निजी स्कूल में हुई। कक्षा 10वीं पढ़ाई करने अपने चाचा के पास अंडमान चले गए। उनके चाचा अंडमान पुलिस में तैनात हैं। वह वाटर स्पोर्ट्स से भी जुड़े हुए हैं।
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शोभित का मन पढ़ाई में थोड़ा कम लगता था, तो चाचा ने शोभित को रोइंग खेलने के लिए प्रेरित किया। इंटर की पढ़ाई के बाद शोभित ग्रेजुएशन के लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में एडमिशन लिया। जब उन्हें रोइंग प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से गोरखपुर जाने की खबर मिली तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सोमवार को 2000 मीटर डबल ओपेन स्पर्धा में प्रथम स्थान पाने के बाद उनकी खुशी दोगुनी हो गई।
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गांव में रहकर खेती करते हैं शोभित के पिता
शोभित के पिता राकेश गांव में रहकर खेती करते हैं। उनकी मां सुधा पांडेय सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। फाइनल में बेटे का उत्साहवर्धन करने पिता भी रामगढ़ताल पहुंचे थे। शोभित के गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिता के आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर्व गर्व हो रहा है।