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गोरखपुर: बर्डघाट में 20 सेमी बढ़ा राप्ती नदी का जलस्तर, बारिश होने से पड़ रहा असर
Wed, 04 Oct 2023 02:34 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 04 Oct 2023 02:34 PM IST
सार
राप्ती के अलावा कुन्हरा नदी बांसी, करतनियां घाट पर सरयू और बस्ती में कुआनो नदी में 10 सेमी का बढ़ाव हुुआ है। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया के नेपाल में तेज बारिश हुई तो ज्यादा बढ़ाव होगा। हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से करीब डेढ़ से दो मीटर नीचे हैं। इसलिए किसी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं है।
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राप्ती नदी
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बारिश होने की वजह से नदियों के जलस्तर में बदलाव नजर आने लगा है। राप्ती नदी के नेपाल स्थित कैचमेंट एरिया में बारिश होने से मंगलवार को बर्डघाट में जलस्तर 20 सेमी बढ़ाव पर दर्ज किया गया। जानकारों का कहना है कि यदि तेज बारिश हुई तो आगे चलकर नदी तेजी से बढ़ सकती है।
बीते दिनों बारिश कम होने से नदियों का जलस्तर घटने लगा था। अक्तूबर में थम-थमकर बारिश होने लगी है। नेपाल से सटे राप्ती नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश का असर मंगलवार को नजर आया। सिंचाई विभाग से जारी सूचना के मुताबिक मंगलवार सुबह आठ बजे बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर गेज पर 71.370 मीटर था। जबकि शाम चार बजे यह 20 सेमी बढ़कर 71.510 पहुंच गया। यहां नदी के खतरे का निशान 74.980 मीटर निर्धारित है।
राप्ती के अलावा कुन्हरा नदी बांसी, करतनियां घाट पर सरयू और बस्ती में कुआनो नदी में 10 सेमी का बढ़ाव हुुआ है। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया के नेपाल में तेज बारिश हुई तो ज्यादा बढ़ाव होगा। हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से करीब डेढ़ से दो मीटर नीचे हैं। इसलिए किसी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं है।
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भूकंप को लेकर रही हलचल
भूकंप के झटकों को लेकर मंगलवार को शहर में हलचल बनी रही। लोगों में इस बात की चर्चा रही कि शहर में तो भूकंप नहीं आया। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने बताया कि भूकंप का केंद्र नेपाल के बझांग जिले में था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.6 थी। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण से जुड़े लोगों ने बताया कि गोरखपुर में भूकंप का कोई असर नहीं महसूस किया गया। लेकिन कानपुर, आगरा, लखनऊ, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, अयोध्या, अलीगढ़, हापुड़ और अमरोहा शहरों में लोगों ने अहसास किया है।
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बीते दिनों बारिश कम होने से नदियों का जलस्तर घटने लगा था। अक्तूबर में थम-थमकर बारिश होने लगी है। नेपाल से सटे राप्ती नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश का असर मंगलवार को नजर आया। सिंचाई विभाग से जारी सूचना के मुताबिक मंगलवार सुबह आठ बजे बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर गेज पर 71.370 मीटर था। जबकि शाम चार बजे यह 20 सेमी बढ़कर 71.510 पहुंच गया। यहां नदी के खतरे का निशान 74.980 मीटर निर्धारित है।
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राप्ती के अलावा कुन्हरा नदी बांसी, करतनियां घाट पर सरयू और बस्ती में कुआनो नदी में 10 सेमी का बढ़ाव हुुआ है। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया के नेपाल में तेज बारिश हुई तो ज्यादा बढ़ाव होगा। हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से करीब डेढ़ से दो मीटर नीचे हैं। इसलिए किसी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं है।
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भूकंप को लेकर रही हलचल
भूकंप के झटकों को लेकर मंगलवार को शहर में हलचल बनी रही। लोगों में इस बात की चर्चा रही कि शहर में तो भूकंप नहीं आया। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने बताया कि भूकंप का केंद्र नेपाल के बझांग जिले में था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.6 थी। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण से जुड़े लोगों ने बताया कि गोरखपुर में भूकंप का कोई असर नहीं महसूस किया गया। लेकिन कानपुर, आगरा, लखनऊ, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, अयोध्या, अलीगढ़, हापुड़ और अमरोहा शहरों में लोगों ने अहसास किया है।