नेपाल की पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और पानी छोड़े जाने से जिले की रोहिन, राप्ती और घाघरा नदी के बाद अब आमी नदी का जलस्तर और बढ़ गया है। इससे जिले के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों में नदी का पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। हालांकि बाढ़ग्रस्त गांवों में पीड़ितों की मदद और रसद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने 43 नावों का बेड़ा उतारा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत-बचाव कार्य जारी है।
रोहिन नदी का जलस्तर बुधवार सुबह तीरमुहानी घाट पर 83.690 दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से कैंपिरयरगंज तहसील क्षेत्र के बरगदही, मछलीगांव और भौराबारी गांव में पानी ने दस्तक दे दी। जबकि चंदीपुर, बुढ़ेली और अलगटपुर में नदी का पानी बेकाबू होने के कारण प्रशासन ने इन गांवों में मझोली नाव उतार दीं। सदर तहसील क्षेत्र के शिवरिया गांव में नदी का पानी चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया। इस गांव में राहत कार्य के लिए प्रशासन ने एक बड़ी नाव लगाई है। राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार शाम तक 75.380 पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र में इस नदी के किनारे बसे गांव चकदहा, भुजौली, रामकोला, नकेली, आंशिक बलुआ और सदर तहसील क्षेत्र के बहरामपुर एहतमाली, नाहरपुर अतरौलिया, बहरामपुर मुस्तहकम, खिरवनिया, कठवतिया उर्फ कठउर, चकरा दोयम, महेवा एहतेमाली, सिंहोरवा सानी, शेरगढ़ और भौरामल बाढ़ग्रस्त हो गए।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
इन गांवों में राहत कार्य के लिए प्रशासन ने मझोली और बड़ी नावों का इंतजाम किया। शेरगढ़ और बहरामपुर मुस्तहकम में दो-दो नावें उतारी गईं जबकि खिरवनिया में 11 नावें लगाई गईं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
सहजनवां तहसील के विडार, गोला तहसील के बिहुुआ, जगदीशपुर और बांसगांव तहसील के कतरारी और करनजही गांव में राप्ती का पानी पहुंचने पर प्रशासन को नावें लगानी पड़ीं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
आमी नदी का पानी भी बुधवार को सहजनवां तहसील क्षेत्र के चकचोहर, बड़ौना, भुवाशहीद, गहीरा और सुथनी गांवों में पहुंच गया। घाघरा नदी का जलस्तर 92.900 पहुंच गया। इस नदी के किनारे बसे गोला तहसील के बल्थर, जैतपुर और ज्ञानकोल गांव बाढ़ ग्रस्त हो गए।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड दो के अधिशासी अभियंता उमेश कुमार खरे ने बताया कि बाढ़ के मद्देनजर सभी बंधों के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। जहां कहीं भी कटान या बंधे में समस्या की सूचना आ रही है उसे तुरंत ही ठीक कराया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है।