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Raksha Bandhan 2021: घनिष्ठा नक्षत्र व शोभन योग खास बनाएंगे रक्षाबंधन, जानिए क्यों मनाया जाता है ये पर्व
Thu, 19 Aug 2021 11:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:28 AM IST
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रक्षाबंधन 2021
- फोटो : अमर उजाला।
भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक का पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन ग्रह एवं नक्षत्रों का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन घनिष्ठा नक्षत्र के साथ ही शोभन योग है। शोभन योग से शुभता में वृद्धि होगी। बताया कि इस दिन पूर्णिमा तिथि का मान शाम पांच बजकर एक मिनट तक एवं धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि आठ बजकर 25 मिनट तक है। चंद्रमा कुंभ राशि में होंगे।
रक्षाबंधन 2021
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसे बांधे राखी
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूरब दिशा में और बहन का पश्चिम दिशा में होना उत्तम माना जाता है। बहनें रोली, चंदन, अक्षत, दही का टीका अपने भाई को लगाएं, इसके बाद कपूर, अगरबत्ती या घी के दीपक से आरती उतारे, उसके बाद मिष्ठान खिलाकर भाई के दाहिने कलाई पर राखी बांधती बांधे।
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूरब दिशा में और बहन का पश्चिम दिशा में होना उत्तम माना जाता है। बहनें रोली, चंदन, अक्षत, दही का टीका अपने भाई को लगाएं, इसके बाद कपूर, अगरबत्ती या घी के दीपक से आरती उतारे, उसके बाद मिष्ठान खिलाकर भाई के दाहिने कलाई पर राखी बांधती बांधे।
रक्षाबंधन 2021
- फोटो : अमर उजाला।
राखी बांधते समय पढ़ें यह मंत्र
राखी बांधते समय बहनों को यह मंत्र पढ़ना चाहिए ताकि इसका शुभ परिणाम मिल सके। यह रक्षा सूत्र: अगर राखी बांधते समय बहनें रक्षा सूत्र पढ़ती हैं तो यह बेहद ही शुभ होता है। इस रक्षा सूत्र का वर्णन महाभारत में भी आता है।
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
राखी बांधते समय बहनों को यह मंत्र पढ़ना चाहिए ताकि इसका शुभ परिणाम मिल सके। यह रक्षा सूत्र: अगर राखी बांधते समय बहनें रक्षा सूत्र पढ़ती हैं तो यह बेहद ही शुभ होता है। इस रक्षा सूत्र का वर्णन महाभारत में भी आता है।
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
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रक्षाबंधन 2021
- फोटो : अमर उजाला।
ये है पौराणिक कथा
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, महाभारत में शिशुपाल वध के समय सुदर्शन चक्र धारण करते समय भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी।
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, महाभारत में शिशुपाल वध के समय सुदर्शन चक्र धारण करते समय भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी।
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रक्षाबंधन
- फोटो : अमर उजाला
द्रोपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली में बांध दिया था। माना जाता है कि यह घटना सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को हुई थी। मान्यता है कि इस घटना के बाद से ही राखी का पर्व मनाया जाने लगा।