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UP Nikay Chunav: 2024 पर अल्पसंख्यकों की नजर, अबकी सबसे सलामत अपना घर

Sat, 06 May 2023 12:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 May 2023 12:57 PM IST
सार

शहीद अशफाक उल्लाह नगर वार्ड के तुर्कमानपुर के विभिन्न बूथों पर 11.87, 16.72 और 18.65 प्रतिशत तक मतदान हुआ। इस वार्ड में कुल मिलाकर 29.5 फीसदी मतदान हुआ। महाराणा प्रताप नगर वार्ड के रसूलपुर मतदान केंद्र पर 18.72, जामियानगर में 22.99, पट्टन में 20.63 फीसदी मतदान हुआ। शाहपुर वार्ड के विभिन्न बूथों पर सिर्फ 16.17, 18.40 फीसदी तक ही मतदान हुआ।

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Voting percentage less in Muslim dominated areas as compared to other wards
गोरखपुर निकाय चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुस्लिम इलाकों में इस बार घर से काफी कम वोटर निकले। इसी वजह से नगर निगम चुनाव में जहां वोटिंग का कुल प्रतिशत 34.61 रहा। वहीं, शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोटिंग प्रतिशत 30 प्रतिशत से कम रहा। कुछ ही वार्ड ऐसे रहे जहां वोटिंग प्रतिशत 30 प्रतिशत से ज्यादा रहा। चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ उन्हीं मुस्लिम बहुल वार्डों में वोटिंग प्रतिशत ज्यादा रहा, जहां पार्षद प्रत्याशियों की छवि बेहतर रही और वो खुद अपने दम पर मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में सफल हो सके।

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मेयर के लिए मतदान को लेकर इन इलाकों के मतदाताओं में बहुत ज्यादा उत्साह नहीं रहा। अधिकांश मुस्लिम मतदाताओं ने अपने आपको सीमित रखा ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर एकजुट होकर पूरी दमदारी से अपने मतदान का उपयोग कर सकें। हालांकि प्रत्याशियों से लेकर जानकारों का कहना है कि इस बार वोटर लिस्ट में काफी ज्यादा गड़बड़ी भी कम वोटिंग की मुख्य वजह है।
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इस बार नगर निगम का चुनाव पिछले वर्षों की तरह ही फीका रहा। सिर्फ 34.61 प्रतिशत ही मतदान हुआ, लेकिन शहर के मुस्लिम इलाकों में काफी कम रहा। नगर निगम के करीब 10.48 लाख मतदाताओं में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या 25 से 27 प्रतिशत तक माना जाता है। मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी मतदान के पहले मुस्लिक समाज के लोगों से बढ़चढ़कर मतदान करने की अपील की थी।

शहीद अशफाक उल्लाह नगर वार्ड के तुर्कमानपुर के विभिन्न बूथों पर 11.87, 16.72 और 18.65 प्रतिशत तक मतदान हुआ। इस वार्ड में कुल मिलाकर 29.5 फीसदी मतदान हुआ। महाराणा प्रताप नगर वार्ड के रसूलपुर मतदान केंद्र पर 18.72, जामियानगर में 22.99, पट्टन में 20.63 फीसदी मतदान हुआ। शाहपुर वार्ड के विभिन्न बूथों पर सिर्फ 16.17, 18.40 फीसदी तक ही मतदान हुआ। सूरजकुंड धाम नगर वार्ड के दरियाचक इलाके के विभिन्न बूथों में मतदान का प्रतिशत सिर्फ, 6.86, 24.41 और 20.08 फीसदी रहा।

सूरजकुंड वार्ड के पार्षद प्रत्याशी जुबैर अहमद ने कहा कि पता नहीं इस बार वोटिंग को लेकर लोगों में उतना उत्साह नहीं था। पंडित रामप्रसाद बिस्मिल नगर के पार्षद प्रतिनिधि अफरोज गब्बर ने कहा कि बड़े पैमाने पर वोटर घर से निकले ही नहीं। लिहाजा वार्ड में वोटिंग प्रतिशत बहुत मुश्किल से 24.2 फीसद ही हो सका। बेनीगंज के पार्षद प्रतिनिधि उजैर अहमद ने कहा कि नाम कटने की वजह से वोटिंग प्रतिशत कम रहा है।

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वार्ड कुछ यूं रहा वोटिंग प्रतिशत

  • पंडित राम प्रसाद बिस्मिल नगर- 24.2
  • शहीद अशफाक उल्लाह नगर- 29.5
  • सूरजकुंड धाम नगर- 25.47
  • मायाबाजार- 29.70
  • नरसिंहपुर- 29.58
  • बेनीगंज- 30.28
  • शाहपुर- 31.08
  • महर्षि दधीचि नगर- 31.6
  • आत्माराम नगर- 33.37
  • घंटाघर- 35.00
  • महाराणा प्रताप नगर- 36.7




 

जिम्मेदारों ने क्या कहा

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सैयद जमाल ने कहा कि लोगों के मन में काफी निराशा है। लिहाजा मुस्लिम समाज के काफी कम लोग मतदान करने के लिए निकले। अगर लगता कि कुछ हो सकता है तो हो सकता था कि इस समाज के ज्यादा लोग मतदान करने के लिए निकलते। ऐसा 2012 में हुआ था। उन्हीं इलाकों में ज्यादा मतदान हुआ है, जिस इलाके के पार्षद ज्यादा सक्रिय रहे। मेयर को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा। ऐसे में अधिकांश लोग 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अपने आपको इस बार समेट कर रखे रखे।
 
सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष जफर अमीन डक्कू ने कहा कि मुस्लिम इलाकों में मतदान का प्रतिशत कम रहा है, लेकिन इसकी मुख्य वजह से मतदान सूची में गड़बड़ी है। पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से गायब है। सिर्फ पार्षद प्रत्याशी अपने दम पर मतदाताओं को मतदान स्थल तक लाने में सफल रहे हैं। अल्पसंख्यक समाज के लिए इस चुनाव में बंटना नहीं चाहते। अगर बंट जाएंगे तो आने वाले चुनाव में इसका खराब असर पड़ेगा। 2024 के चुनाव को लेकर मुस्लिम समाज अभी से एकजुट होने लगा है।

पूर्व महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम ने कहा कि मतदान कम होने की मुख्य वजह से मतदाता सूची में गड़बड़ी है। ऐसा नहीं कहा जा सकता कि केवल मुस्लिम बहुत इलाकों में मतदान कम हुआ है। हो सकता है कि कुछ वार्डों में कम मतदान हुआ हो। मेरे वार्ड में तो पिछली बार की तुलना में थोड़ा ज्यादा ही हुआ है। अगर मतदाता सूची को सही कर दिया जाए तो नगर निगम का ओवरऑल मतदान प्रतिशत भी बढ़कर 40 प्रतिशत से ऊपर हो जाएगा। इसमें सुधार की आवश्यकता है।

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