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कर्म और सदाचरण से महान बने महाराणा प्रताप : प्रो. शोभा गौड़
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गोरखपुर। हिंदूआ सूर्य महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को विभिन्न संगठनों और संस्थाओं की ओर से धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान उनके शौर्य, पराक्रम और सदाचरण को याद किया गया।
दिग्विजयनाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में महाराणा प्रताप की जयंती सदाचार एवं निष्ठा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉप-10 मेधावियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व की विशेषता स्मृतियों से आती है, क्योंकि व्यक्ति कर्म और सदाचरण से ही महान बनता है।
मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि महाराणा प्रताप शील व शक्ति से समन्वित व्यक्तित्व थे। अध्यक्षता महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने की। एमपीएसपी के वरिष्ठ सदस्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। संचालन प्रियंका सिंह एवं संयोजन प्राचार्य डाॅ. अजय पांडेय ने किया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रनेताओ की ओर से मुख्य द्वार पर महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रो. विनय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप को स्वाभिमान, संकल्प और देशभक्ति का मजबूत स्तम्भ माना जाता है। इस मौके पर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय, डॉ. वेद प्रकाश राय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्रीकांत मिश्र, छात्रनेता अनुभव शाही, राजवर्धन सिंह, नारायण दत्त पाठक, योगेश प्रताप सिंह, अविनाश तिवारी, अनुराग मिश्र, दीपक पांडेय, रवि गोस्वामी, विवेक सिंह, अभिजित शर्मा, विख्यात भट्ट, सत्यम सिंह, हर्षित मालवीय आदि छात्रनेता मौजूद रहे।
अदम्य साहस व राष्ट्र के रक्षक थे महाराणा प्रताप
गोरखपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से रेलवे स्टेशन चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप अमर रहें के नारे लगाते हुए मातृभूमि के प्रति उनके योगदान को याद किया। प्रदेश महामंत्री अश्वनी कुमार सिंह लालू ने कहा कि वह अदम्य साहस, राष्ट्र, वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के अद्भुत प्रतीक थे। उन्होंने अपने साहस, त्याग और संघर्ष से देशभक्ति की अमिट मिसाल पेश की। उनका जीवन हमें आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है। इस दौरान उग्रसेन सिंह, रणजीत शाही, कामेश्वर सिंह, रामचंद्र राव, मानवेंद्र प्रताप सिंह, आलोक सिंह, हरि नारायण सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, सुमित श्रीनेत, राजकुमार श्रीनेत आदि मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को किया नमन
गोरखपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जनपद इकाई की ओर से महाराणा प्रताप का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को लोगों ने नमन किया। मुख्य अतिथि गरिमा सिंह रहीं। अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष शंभू सिंह श्रीनेत व संचालन जिला मंत्री सत्येंद्र सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप ने धर्म, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रणबीर सिंह, मनीष सिंह एवं संतोष सिंह के साथ इंद्रजीत सिंह, कार्तिकेय प्रताप सिंह, अजीत सिंह, विनय सिंह, जय प्रकाश सिंह, संदीप सिंह, विवेकानंद सिंह, भूपेंद्र सिंह बघेल, श्याम कुंवर सिंह राठौड़, कीर्ति सिंह, विशाल सिंह, प्रशांत सिंह आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
शौर्य और स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक थे महाराणा प्रताप
गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में वरिष्ठ आचार्य योगेंद्र पांडेय ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य व स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक थे। जिस काल में कई राजाओं ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली थी, उस कठिन समय में भी महाराणा प्रताप अडिग रहे। प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने विद्यार्थियों से महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा, मंजरी यादव आदि की मौजूदगी रही।
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दिग्विजयनाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में महाराणा प्रताप की जयंती सदाचार एवं निष्ठा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉप-10 मेधावियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व की विशेषता स्मृतियों से आती है, क्योंकि व्यक्ति कर्म और सदाचरण से ही महान बनता है।
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मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि महाराणा प्रताप शील व शक्ति से समन्वित व्यक्तित्व थे। अध्यक्षता महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने की। एमपीएसपी के वरिष्ठ सदस्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। संचालन प्रियंका सिंह एवं संयोजन प्राचार्य डाॅ. अजय पांडेय ने किया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रनेताओ की ओर से मुख्य द्वार पर महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रो. विनय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप को स्वाभिमान, संकल्प और देशभक्ति का मजबूत स्तम्भ माना जाता है। इस मौके पर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय, डॉ. वेद प्रकाश राय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्रीकांत मिश्र, छात्रनेता अनुभव शाही, राजवर्धन सिंह, नारायण दत्त पाठक, योगेश प्रताप सिंह, अविनाश तिवारी, अनुराग मिश्र, दीपक पांडेय, रवि गोस्वामी, विवेक सिंह, अभिजित शर्मा, विख्यात भट्ट, सत्यम सिंह, हर्षित मालवीय आदि छात्रनेता मौजूद रहे।
अदम्य साहस व राष्ट्र के रक्षक थे महाराणा प्रताप
गोरखपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से रेलवे स्टेशन चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप अमर रहें के नारे लगाते हुए मातृभूमि के प्रति उनके योगदान को याद किया। प्रदेश महामंत्री अश्वनी कुमार सिंह लालू ने कहा कि वह अदम्य साहस, राष्ट्र, वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के अद्भुत प्रतीक थे। उन्होंने अपने साहस, त्याग और संघर्ष से देशभक्ति की अमिट मिसाल पेश की। उनका जीवन हमें आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है। इस दौरान उग्रसेन सिंह, रणजीत शाही, कामेश्वर सिंह, रामचंद्र राव, मानवेंद्र प्रताप सिंह, आलोक सिंह, हरि नारायण सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, सुमित श्रीनेत, राजकुमार श्रीनेत आदि मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को किया नमन
गोरखपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जनपद इकाई की ओर से महाराणा प्रताप का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को लोगों ने नमन किया। मुख्य अतिथि गरिमा सिंह रहीं। अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष शंभू सिंह श्रीनेत व संचालन जिला मंत्री सत्येंद्र सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप ने धर्म, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रणबीर सिंह, मनीष सिंह एवं संतोष सिंह के साथ इंद्रजीत सिंह, कार्तिकेय प्रताप सिंह, अजीत सिंह, विनय सिंह, जय प्रकाश सिंह, संदीप सिंह, विवेकानंद सिंह, भूपेंद्र सिंह बघेल, श्याम कुंवर सिंह राठौड़, कीर्ति सिंह, विशाल सिंह, प्रशांत सिंह आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
शौर्य और स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक थे महाराणा प्रताप
गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में वरिष्ठ आचार्य योगेंद्र पांडेय ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य व स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक थे। जिस काल में कई राजाओं ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली थी, उस कठिन समय में भी महाराणा प्रताप अडिग रहे। प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने विद्यार्थियों से महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा, मंजरी यादव आदि की मौजूदगी रही।