गोरखपुर के टॉपर्स बोले- 'गुरुओं के मार्गदर्शन के बगैर मुकाम हासिल कर पाना संभव नहीं था'
- टॉपर्स को काबिल बनाने में स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की भूमिका अहम
विस्तार
यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के परिणाम में जिले के होनहारों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय के बूते इन्होंने लाखों बच्चों के बीच जिले के टॉप-10 में जगह बनाई। निश्चित तौर पर ये तारीफ के काबिल हैं। मगर इन्हें इस काबिल बनाने में स्कूल के प्रधानाचार्य और अनुभवी शिक्षकों की टीम की भूमिका भी कम नहीं। इन द्रोणाचार्यों के मार्गदर्शन में ही आज के अर्जुन (विद्यार्थियों) ने मछली की आंख (परिणाम) को साधा है।
सफलता के शिखर पर पहुंचे ये मेधावी भी श्रेय शिक्षकों को देते हैं। इंटर में दूसरा स्थान हासिल करने वाली नेहरू इंटर कॉलेज पिपराइच की ऋतु सिंह और संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल करने वाले भूमिधर इंटर कॉलेज सिकरीगंज के छात्र अनुपम ओझा का कहना है कि गुरुओं के मार्गदर्शन के बगैर यह मुकाम हासिल कर पाना संभव नहीं था।
कक्षाओं के नियमित संचालन पर रहता है फोकस
नेहरू इंटर कॉलेज पिपराइच के प्रधानाचार्य विजय बहादुर सिंह ने बताया कि कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाता है। समय सारिणी के मुताबिक पठन-पाठन कराए जाने के साथ स्कूल के माहौल को अच्छा बनाने की दिशा में काम करने का परिणाम है कि बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करते हैं।
बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री के अभिलाषा यादव, राजेश श्रीवास्तव सरीखे अनुभवी शिक्षक मौजूद हैं, जिसकी वजह से बच्चे नामांकन कराने के बाद कक्षाएं छोड़ने के बारे में सोचते भी नहीं हैं।
गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कराने की होती है तैयारी
नेहरु इंटर कॉलेज पिपराइच के फिजिक्स शिक्षक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए प्रधानाचार्य की अगुवाई में साथी शिक्षकों के साथ ठोस रणनीति तैयार की जाती है। उसी पर चलकर बेहतर परिणाम हासिल किया जाता है।
कक्षा में पढ़ाई के दौरान टॉपिक को कई हिस्सा में बांट देता हूं। अलग-अलग करके बच्चों को पढ़ाया जाता है। जब तक वो छात्रों की समझ में नहीं आ जाता, अगले टॉपिक के बारे में कुछ भी नहीं बताते हैं। रिवीजन और टेस्ट के माध्यम से प्रदर्शन के स्तर का आकलन करता हूं। कमजोर बच्चों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बेहतर को और बेहतर बनाते हैं।
पढ़ाई के साथ रचनात्मक कार्यों को भी दी जाती है तरजीह
भूमिधर इंटर कॉलेज सिकरीगंज प्रधानाचार्य सतीश चंद भारती ने बताया कि पढ़ाई की अहमियत के प्रति बच्चों को पहले दिन जागरूक किया जाता है। पढ़ाई के साथ गैर शैक्षणिक कार्यों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे बच्चों के अंदर रचनात्मकता का विकास होता है। विद्यालय में पंकज श्रीवास्तव, सोमनाथ यादव, कैलाश जायसवाल, अमित, संतोष कुमार, जनार्दन यादव, सुनील यादव और विनय सरीखे अनुभवी शिक्षकों की टीम मौजूद है, जो बच्चों का मार्गदर्शन करती है। यही वजह है कि साल दर साल विद्यालय का परिणाम बेहतर होता है।
सिलेबस के मुताबिक होती है पढ़ाई
भूमिधर इंटर कॉलेज सिकरीगंज के फिजिक्स शिक्षक सुनील कुमार यादव ने बताया कि बच्चों के अंदर पढ़ाई की लगन हो तो बस उसे सही दिशा देने की जरूरत होती है। फिर वो अपनी मेधा के बूते कामयाबी हासिल करते हैं। ऐसे बच्चों को पहचानने के साथ काम शुरू होता है। सिलेबस के मुताबिक पढ़ाई कराने के साथ समय-समय पर परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। अच्छे अंक हासिल करने वाले बच्चों को कमजोर विद्यार्थियों की मदद करने के लिए प्रेरित करता हूं। इससे उनका रिवीजन और अच्छा होता है। कमजोर बच्चे भी मित्रवत माहौल में पढ़ाई करते हैं।