यूपी एटीएस ने खलीलाबाद में मारा छापा, टीए समेत चार संदिग्धों को उठाया
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में बुधवार को एटीएस ने खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात तकनीकी सहायक (टीए) समेत शहर से चार संदिग्धों को मंगलवार की देर शाम हिरासत में ले लिया। तकनीकी सहायक को एटीएस टीम ने शहर स्थित उसके मोहल्ले मोतीनगर के आवास से उठाया। कुछ लोग फर्जी पासपोर्ट बनवाने तो कुछ लोग टेरर फंडिंग के मामले में पूछताछ के लिए संदिग्धों के उठाए जाने की चर्चा कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के आतंक निरोधी दस्ते (यूपी एटीएस) ने रोहिंग्या के टेरर फंडिग कनेक्शन के मामले में प्रदेश के पांच जिलों में छापा मारा। उसी क्रम में एटीएस की टीम ने मंगलवार की देर शाम खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मोहल्ला निवासी व खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात तकनीकी सहायक अब्दुल मन्नान को हिरासत में लिया। जबकि शहर के रहने वाले नूर मोहम्मद और उसके घर आए दो अन्य को भी हिरासत में लिया।
सूत्रों के अनुसार, एटीएस टीम ने अलीगढ़ समेत पांच जिलों में संदिग्धों की तलाश में छापा मारा। जानकारी मिली है कि छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा यूपी एटीएस की एक टीम मुंबई गई है। इधर तकनीकी सहायक के छोटे भाई अब्दुल कादिर ने भी एटीएस टीम का ही नाम लिया।
उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियो से पांच लोग आए, जिनमें दो महिला कांस्टेबल भी थीं। टीम उनके मझले भाई अब्दुल मन्नान को उठाकर ले गई। टीम की ओर से बताया गया कि किसी लड़की के भागने का मामला है। लड़की वाले उनके भाई के परिचित हैं। उसी मामले में पूछताछ करनी है। अब्दुल कादिर ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपने भाई अब्दुल मन्नान के उठाए जाने की जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कुछ स्पष्ट बता पाने की स्थिति में नहीं रही।
नौकरी में आने से पूर्व रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था
शहर के मोतीनगर में मकान बनवा कर रहने वाला तकनीकी सहायक अब्दुल मन्नान सांथा ब्लॉक के पसाई गांव का मूल निवासी है। उसके बड़े भाई अब्दुल्लाह एसबीआई की शाखा के प्रबंधक पद से रिटायर हैं। छोटे भाई अब्दुल कादिर गांव पर रहते हैं।
अब्दुल मन्नान पॉलीटेक्निक करने के बाद नौकरी में आने से पहले वह रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था। वहां दो-तीन साल रहकर लौटा। उसके बाद वह पासपोर्ट बनवाने का भी काम करने लगा था। उसने मेंहदावल बाईपास के निकट कपड़े की दुकान भी खोली थी। वर्ष 1997 में अब्दुल मन्नान तकनीकी सहायक पद पर नौकरी पाई।