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Gorakhpur News: बांझपन के कारणों की पहचान में अहम भूमिका निभा रही अल्ट्रासोनोग्राफी
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गोरखपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एम्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से बांझपन की रोकथाम को लेकर मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्त्री रोग अल्ट्रासोनोग्राफी में चिकित्सकों के कौशल विकास को बढ़ावा देना और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाना रहा।
दिल्ली से आए विशेषज्ञ प्रोफेसर पंकज तलवार ने बतौर मुख्य वक्ता बताया कि आज के समय में अल्ट्रासोनोग्राफी महिलाओं में बांझपन के कारणों की पहचान करने और सही उपचार योजना बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर सही जांच और उपचार से कई दंपतियों को संतान सुख मिल सकता है।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ज्ञान और कौशल को साझा करने से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार संभव है। इस तरह की कार्यशालाएं न केवल डॉक्टरों के लिए सीखने का अवसर होती हैं बल्कि इसके माध्यम से मरीजों को भी आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल पाती हैं। महिलाओं में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए चिकित्सकों का लगातार प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी बेहद जरूरी है।
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दिल्ली से आए विशेषज्ञ प्रोफेसर पंकज तलवार ने बतौर मुख्य वक्ता बताया कि आज के समय में अल्ट्रासोनोग्राफी महिलाओं में बांझपन के कारणों की पहचान करने और सही उपचार योजना बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर सही जांच और उपचार से कई दंपतियों को संतान सुख मिल सकता है।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ज्ञान और कौशल को साझा करने से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार संभव है। इस तरह की कार्यशालाएं न केवल डॉक्टरों के लिए सीखने का अवसर होती हैं बल्कि इसके माध्यम से मरीजों को भी आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल पाती हैं। महिलाओं में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए चिकित्सकों का लगातार प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी बेहद जरूरी है।
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