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Gorakhpur News: जमीन के विवाद में जानलेवा हमले के दो को सात साल की सजा
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- हत्या की कोशिश का जुर्म सिद्ध, कोर्ट ने लगाया आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड
- बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव का मामला, पिता-पुत्र पर लाठी-डंडे से किया था हमला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जमीन के विवाद में पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हत्या की कोशिश का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार ने बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव निवासी दयाशंकर पांडेय और छोटू उर्फ सुचित कुमार पांडेय को सात वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वादी तुलसी प्रसाद पांडेय बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव का निवासी है। 21 जनवरी 2012 को सुबह करीब 11.15 बजे दयाशंकर पांडेय और छोटू उर्फ सुचित कुमार पांडेय जमीन के विवाद को लेकर गाली-गलौज करते हुए वादी के पुत्र संजय पांडेय पर लाठी-डंडों से हमला करने लगे। शोरगुल सुनकर वादी तुलसी प्रसाद पांडेय अपने पुत्र को बचाने मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें भी लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में वादी और उनके पुत्र दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपियों को हत्या की कोशिश का दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
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- बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव का मामला, पिता-पुत्र पर लाठी-डंडे से किया था हमला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जमीन के विवाद में पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हत्या की कोशिश का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार ने बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव निवासी दयाशंकर पांडेय और छोटू उर्फ सुचित कुमार पांडेय को सात वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वादी तुलसी प्रसाद पांडेय बेलीपार थाना क्षेत्र के व्यवहरिया गांव का निवासी है। 21 जनवरी 2012 को सुबह करीब 11.15 बजे दयाशंकर पांडेय और छोटू उर्फ सुचित कुमार पांडेय जमीन के विवाद को लेकर गाली-गलौज करते हुए वादी के पुत्र संजय पांडेय पर लाठी-डंडों से हमला करने लगे। शोरगुल सुनकर वादी तुलसी प्रसाद पांडेय अपने पुत्र को बचाने मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें भी लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में वादी और उनके पुत्र दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपियों को हत्या की कोशिश का दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
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