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मां का दर्द: मासूमों के इलाज के लिए नौ किलोमीटर पैदल चलीं दो माताएं, बोलीं- 'डर लग रहा था लेकिन भगवान के सहारे पहुंच गई अस्पताल'

Mon, 30 Aug 2021 11:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 30 Aug 2021 11:51 AM IST
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Two mothers walked nine kilometers to treat children in Siddharthnagar due to floods
बेटे का इलाज कराने जाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र के गांव खैरी शीतल प्रसाद में रिमझिम बारिश के दौरान दो माताएं अपने मासूम बच्चों के इलाज के लिए उन्हें गोद में लेकर करीब दो फीट पानी में तकरीबन साढ़े तीन किलोमीटर पैदल चलीं। इसके बाद उनके बच्चों को इलाज मिल पाया। दवा लेने के बाद दोनों महिलाएं इसी पानी भरे रास्ते से घर लौटीं। इस तरह दोनों महिलाएं करीब सात किलोमीटर पानी में पैदल चलीं। जबकि डाक्टर तक पहुंचने के लिए दोनों को कुल नौ किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ी। बताया गया कि गांव में इलाज और नाव की सुविधा नहीं मिलने के बाद दोनों महिलाओं को उक्त कदम उठाना पड़ा। मासूमों की जिंदगी बचाने के लिए दोनों महिलाएं बूढ़ी राप्ती नदी की लहरों से भी नहीं डरीं।


जानकारी के अनुसार, खैरी शीतल प्रसाद ग्राम सभा में मंजू और गुड़िया इन दिनों अपने मायके आई हैं। बाढ़ के कारण खैरी शीतल प्रसाद गांव चारों तरफ पानी से घिर गया है।
Two mothers walked nine kilometers to treat children in Siddharthnagar due to floods
रास्ते में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
सभी रास्तों पर पानी भरा हुआ है। ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि कोई बीमार पड़ जा रहा है तो उसे इलाज मिलना मुश्किल हो गया है। गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौली करीब सात किमी दूर है। हालांकि इस गांव के अधिकतर लोग इलाज के लिए तुलसियापुर जाना पसंद करते हैं।
Two mothers walked nine kilometers to treat children in Siddharthnagar due to floods
घरों में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
मंजू और गुड़िया ने बताया कि उन्हें गांव में सरकारी मदद नहीं मिली तो अपने जिगर के टुकड़ों के इलाज के लिए बाढ़ के पानी में पैदल ही चलना पड़ा। उन्होंने बताया कि तुलसियापुर में एक निजी चिकित्सक से बच्चों के लिए दवा ली। मंजू पत्नी मनोज और गुड़िया पुत्री सत्यनारायण ने बताया कि उनके पुत्रों को तेज बुखार था। गुड़िया ने बताया कि बाढ़ में उनके पिता पशुओं की जान बचाने में जुटे थे, इसलिए उन्हें अकेले आना पड़ा। दो महिलाओं का साथ था और एक सहयोगी किशोर था। उन्होंने बताया कि खैरी से करौता तक चार गांवों के मार्ग पर ढाई फीट पानी है।
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Two mothers walked nine kilometers to treat children in Siddharthnagar due to floods
बाढ़ के पानी में जाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला।
मुरउनडीह, पन्नापुर, चिरहगना होते हुए करौता तक ढाई किमी पैदल गईं। इसके बाद करीब एक किमी दूर टीकर तक मार्ग पर पानी नहीं था। टीकर से आगे भुतहवा से भुतहिया तक एक किमी लगभग तीन फीट पानी है। यहां बूढ़ी राप्ती का तेज बहाव है, बच्चा गोद में था, डर लग रहा था, लेकिन भगवान के सहारे पहुंच गईं।
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Two mothers walked nine kilometers to treat children in Siddharthnagar due to floods
बच्चे को इलाज के लिए ले जाती महिला। - फोटो : अमर उजाला।
...और इन्हें भी इलाज के लिए पानी में चलना पड़ा पैदल
खैरी टोले की संजू ने बताया कि पुत्र रितेश की तबीयत अधिक खराब रहती है। जिला मुख्यालय पर इलाज के लिए जाती हैं। बाढ़ के कारण नाव से खैरी से करौता तक गईं। इसके बाद कोई साधन नहीं मिला तो लगभग सात किमी पैदल चलकर तुलसियापुर चौराहे पहुंचीं। वहां से सवारी मिली तो सिद्धार्थनगर गईं। इसी प्रकार मन भावती पत्नी रामकिशोर भी पुत्र खुशियाल के इलाज के लिए पानी में पैदल चलने के बाद तुलसियापुर चौराहे जा रही थीं।
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