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Gorakhpur News: अनुसंधान को वैश्विक लक्ष्यों से जोड़ना समय की मांग
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एमएमएमयूटी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर स्मारिका का विमोचन करते मुख्य अतिथि
गोरखपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) कानपुर के कुलपति प्रो. समशेर ने कहा कि आज के दौर में इंजीनियरिंग अनुसंधान को उद्योग की व्यावहारिक आवश्यकताओं, समाज की वास्तविक चुनौतियों व सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों से मजबूती से जोड़ना समय की मांग बन चुका है।
वह बृहस्पतिवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। ''एडवांस्ड डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग एंड सस्टेनेबल एनर्जी सिस्टम्स'' विषयक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उन्नत सामग्री के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। आधुनिक विनिर्माण तकनीकों व ऊर्जा प्रणालियों जैसी प्रगति भविष्य की तकनीकी क्रांति को नई दिशा प्रदान करने वाली साबित होंगी।
अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके गिरी ने कहा कि आधुनिक इंजीनियरिंग शिक्षा व अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख स्तंभ- उन्नत डिजाइन, उन्नत निर्माण प्रक्रिया एवं सतत ऊर्जा प्रणालियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. संजय मिश्र ने भूमिका रखी। आयोजन सचिव डॉ. पल्लव गुप्ता व डॉ वीरेंद्र कुमार ने सम्मेलन की रूपरेखा व उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
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तकनीकी सत्रों में रियो फेडरल यूनिवर्सिटी, ब्राजील के प्रो. ओफेलिया अराउजो समेत देश के कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने विचार रखे। इनमें आईआईटी दिल्ली के प्रो. पुलक मोहन पांडेय, आईआईटी खड़गपुर की प्रो. ज्योत्सना दत्ता मजूमदार, आईआईटी कानपुर के प्रो. शक्ति एस गुप्ता, एचबीटीयू के प्रो. आरके वर्मा आदि शामिल रहे। लगभग 50 शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों ने ऊर्जा, उन्नत सामग्री, सतत विनिर्माण एवं रोबोटिक्स से जुड़े अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
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वह बृहस्पतिवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। ''एडवांस्ड डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग एंड सस्टेनेबल एनर्जी सिस्टम्स'' विषयक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उन्नत सामग्री के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। आधुनिक विनिर्माण तकनीकों व ऊर्जा प्रणालियों जैसी प्रगति भविष्य की तकनीकी क्रांति को नई दिशा प्रदान करने वाली साबित होंगी।
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अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके गिरी ने कहा कि आधुनिक इंजीनियरिंग शिक्षा व अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख स्तंभ- उन्नत डिजाइन, उन्नत निर्माण प्रक्रिया एवं सतत ऊर्जा प्रणालियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. संजय मिश्र ने भूमिका रखी। आयोजन सचिव डॉ. पल्लव गुप्ता व डॉ वीरेंद्र कुमार ने सम्मेलन की रूपरेखा व उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
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तकनीकी सत्रों में रियो फेडरल यूनिवर्सिटी, ब्राजील के प्रो. ओफेलिया अराउजो समेत देश के कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने विचार रखे। इनमें आईआईटी दिल्ली के प्रो. पुलक मोहन पांडेय, आईआईटी खड़गपुर की प्रो. ज्योत्सना दत्ता मजूमदार, आईआईटी कानपुर के प्रो. शक्ति एस गुप्ता, एचबीटीयू के प्रो. आरके वर्मा आदि शामिल रहे। लगभग 50 शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों ने ऊर्जा, उन्नत सामग्री, सतत विनिर्माण एवं रोबोटिक्स से जुड़े अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।