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Gorakhpur: एम्स में 83 वर्ष की महिला के चेहरे की हड्डी से निकाला गया ट्यूमर, डॉक्टरों ने खड़े कर दिए थे हाथ
Tue, 16 May 2023 12:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 16 May 2023 12:53 PM IST
सार
गोरखपुर एम्स के दंत रोग विभाग ने महाराजगंज की रहने वाली 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला का ऑपरेशन कर चेहरे की हड्डी से ट्यूमर (मंडिबुल ट्यूमर) निकाला। महिला काफी दिनों से इस बीमारी से ग्रसित थी। अगर महिला का ऑपरेशन नहीं किया जाता तो उसे कैंसर भी हो सकता था।
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एम्स में 83 वर्ष की महिला के चेहरे की हड्डी से निकाला गया ट्यूमर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दंत रोग विभाग ने महाराजगंज की रहने वाली 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला का ऑपरेशन कर चेहरे की हड्डी से ट्यूमर (मंडिबुल ट्यूमर) निकाला। महिला काफी दिनों से इस बीमारी से ग्रसित थी। अधिक उम्र और महंगे इलाज की वजह से निजी अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन करने से हिचक रहे थे। बताया जा रहा है कि इतनी अधिक उम्र की महिला का पहला ऑपरेशन एम्स में किया गया है।
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परिजन ने महिला को एम्स के दंत रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डाॅ. शैलेश कुमार को दिखाया। डॉ. शैलेष ने जांच की तो पता चला कि एक खतरनाक किस्म के चेहरे के ट्यूमर की समस्या से ग्रसित थी, जिसे मंडिबुल ट्यूमर कहते हैं। इसकी वजह से महिला के चेहरे की निचले जबड़े की हड्डी पूरी तरह से खोखली हो गई थी। अगर समय पर इलाज नहीं होता तो कैंसर हो सकता था।
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इस पर डॉ. शैलेष ने टीम के साथ ऑपरेशन का फैसला लिया। करीब चार घंटे चले ऑपरेशन के दौरान मरीज के गली हुई निचले जबड़े की हड्डी को निकाला गया और कृत्रिम रूप से तैयार दूसरे जबड़े को लगाया गया। टीम में एनेस्थीसिया के डाॅ. प्रियंका, डॉ. अनुराधा मौजूद रहीं। डाॅ. शैलेश ने बताया की ज्यादा उम्र के मरीजों की बेहोशी की प्रक्रिया काफी कठिन होती है।
इसके लिए विशेष उपकरण और बहुत तैयारी की जरूरत होती है। टीम ने अच्छा काम किया, जिसकी बदौलत सफल ऑपरेशन हुआ है। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने टीम को बधाई दी है।