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Gorakhpur News: ट्यूशन टीचर पर साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने का शक, जांच तेज

Fri, 20 Feb 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:26 AM IST
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Tuition teacher suspected of being linked to cyber fraud gang, investigation intensified

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- केवाईसी के नाम पर छात्र के नाम से फर्जी खाता खुलवाने का मामला
- ठगी के शिकार दो छात्रों ने साइबर सेल से किया संपर्क, उनके नाम से भी खोले गए थे खाते

गोरखपुर। केवाईसी कराने के नाम पर एक ट्यूशन टीचर की ओर से छात्र के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि फर्जी खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तिवारीपुर के सूरजकुंड सूर्यविहार कॉलोनी निवासी ट्यूशन टीचर मोहम्मद शाहरुख ने चिलुआताल थानाक्षेत्र के शिवरिया गांव निवासी छात्र सुधाकर यादव को केवाईसी अपडेट कराने की बात कहकर आवश्यक दस्तावेज लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में नया खाता खुलवाया गया। छात्र को इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में जब बैंक से संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिली, तब मामले का पर्दाफाश हुआ।
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साइबर सेल की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी खाते में अलग-अलग राज्यों से ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिये रकम मंगाई जाती थी। ये रकम डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन लॉटरी, नौकरी दिलाने और निवेश के नाम पर की गई ठगी से जुड़ी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक दो अन्य युवकों के नाम भी जांच में सामने आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
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साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं और छात्रों या अभिभावकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग तो नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि खातों में विभिन्न राज्यों से छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन के जरिये रकम डाली जाती थी, ताकि एकमुश्त बड़ी रकम पर संदेह न हो। रकम आने के बाद उसे एटीएम से निकाला जाता था या अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। पुलिस इन ट्रांजेक्शन की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है।

संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही टीम
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और बैंक खातों की डिटेल निकाली जा रही है। संबंधित बैंकों से केवाईसी फॉर्म, सीसीटीवी फुटेज और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री मांगी गई है।

साइबर थाना प्रभारी राशिद खान का कहना है कि बैंक खातों की लेनदेन शृंखला (मनी ट्रेल) के आधार पर गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सकता है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी भी जांच की जा रही है। अब तक की जांच में प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। यदि और पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान दर्ज कर प्रकरण में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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