Railway News: छपरा से दिल्ली के बीच सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें, लाइन क्लीयर में नहीं आएगी कोई दिक्कत
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास एवं विस्तार को लेकर रेलवे ने तेजी से कार्य किया है और ये क्रम अभी भी जारी है। छपरा से लखनऊ मुख्य मार्ग की डबलिंग मल्हौर-डालीगंज की डबलिंग के साथ पूरा हो गया है। ऐशबाग-मानकनगर स्वतंत्र बाईपास लाइन के निर्माण के साथ ही इस रूट का भी बॉटलनेक खत्म हो जाएगा।
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विस्तार
छपरा रेलवे स्टेशन पर चल रहा यार्ड रिमाडलिंग का कार्य पूरा हो चुका है और बाराबंकी-अयोध्या के बीच काम लगभग खत्म होने को है। इससे ट्रेनों के संचालन में सुधार हुआ है। मंगलवार को गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी भी शुरू हो गई। छपरा में एनआई पूरी होने के साथ ही एनईआर की तीसरी लाइन भी शुरू हो गई है।
हालांकि, अभी भी सीतापुर-सीतापुर कैंट के बीच एनआई के चलते कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन है तो वहीं लखनऊ में ऐशबाग और मानक नगर के बीच दूसरी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। ये सारे काम मार्च तक पूरे हो जाएंगे। इसके बाद छपरा से लेकर दिल्ली तक ट्रेनों को कहीं लाइन के अभाव में नहीं रोकना पड़ेगा।
लखनऊ-छपरा रेल मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्य मार्ग है। इस रेल मार्ग से जुड़े बाराबंकी-अयोध्या कैंट रूट के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इसके अलावा छपरा-छपरा कचहरी रूट पर तीसरी लाइन बिछाने का कार्य हो रहा था। इसलिए 17 दिसंबर से ही बाराबंकी और छपरा में मेगा ब्लॉक था। इसके चलते छपरा-लखनऊ रूट पर 30 से अधिक ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया था। एक तो कोहरे के चलते ट्रेन उत्तर रेलवे से देरी से आ रही थीं, दूसरे पूर्वोत्तर रेलवे में रूट डायवर्ट था।
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इसके चलते वैशाली और गोरखधाम जैसी ट्रेनों को भी आने-जाने में औसत से अधिक समय लग रहा है। वैशाली तो सोमवार को 11 घंटे लेट हो गई थी। लेकिन अब छपरा में एनआई का काम पूरा हो चुका है। छपरा-छपरा कैंट के बीच एनईआर की दूसरी थर्ड लाइन का काम 14 जनवरी को पूरा हो गया था।
सीआरएस निरीक्षण के बाद इस लाइन को सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है। इसके चलते बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्जन और कैंसिलेशन समाप्त हो गया है। इसके अलावा बाराबंकी स्टेशन पर चल रहा यार्ड रिमाडलिंग का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। जो थोड़ा काम बाकी है, वह अयोध्या रूट पर है, जिसका अभी सीआरएस होना है। माना जा रहा है कि यह काम अब 22 तारीख के बाद होगा। बाराबंकी स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी।
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सीतापुर में एनआई के बाद पूरा रूट हो जाएगा डबल
सीतापुर-सीतापुर कैंट स्टेशन के बीच करीब ढाई किलोमीटर की दूरी है। इन दोनों स्टेशन के बीच अभी सिंगल लाइन थी। इसके चलते ट्रेनों को लाइन क्लीयर के लिए इंतजार करना पड़ता था। इंटरलाकिंग का कार्य पूरा होने के बाद बुढ़वल से लेकर दिल्ली तक पूरा रूट डबल हो जाएगा। बुढ़वल से गोरखपुर तक पूरी लाइन डबल है। इस तरह छपरा से लेकर दिल्ली तक पूरी लाइन ही डबल हो जाएगी। ट्रेनों को कहीं लाइन क्लीयर के लिए आउटर पर घंटों खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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लखनऊ जंक्शन से कानपुर-नई दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों को अभी ऐशबाग से मानकनगर तक सिंगल ट्रैक से गुजरना पड़ता है। इसलिए लाइन क्लीयर के लिए ट्रेनों को इंतजार करना पड़ता है। अब इन दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए एक अलग से लाइन बिछाई जा रही है। इसके बन जाने से ऐशबाग-मानकनगर रूट पर भी डबल ट्रैक हो जाएगा। इससे लखनऊ से दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास एवं विस्तार को लेकर रेलवे ने तेजी से कार्य किया है और ये क्रम अभी भी जारी है। छपरा से लखनऊ मुख्य मार्ग की डबलिंग मल्हौर-डालीगंज की डबलिंग के साथ पूरा हो गया है। ऐशबाग-मानकनगर स्वतंत्र बाईपास लाइन के निर्माण के साथ ही इस रूट का भी बॉटलनेक खत्म हो जाएगा।