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अलर्ट: बंगाल के ठग खाली कर रहे लोगों के खाते, 20 दिन में दर्ज हो गए आठ केस

Fri, 19 Jan 2024 03:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 19 Jan 2024 03:12 PM IST
सार

ऑनलाइन गेम और शॉपिंग के चक्कर में ज्यादा जालसाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं। जालसाज लोगों को लुभावने आफर देते हैं और ग्राहक के खाते का ब्योरा लेकर या तो रुपये उड़ा दे रहे हैं या फिर अपना खाता नंबर भेजकर उसमें रुपये भेजने को बोल रहे हैं। दोनों ही सूरत में आप जालसाजी के शिकार हो जाएंगे।

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Thugs of Bengal emptying people accounts in Gorakhpur
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिहार नहीं, अब बंगाल के ठग गोरखपुर के लोगों के खातों को कंगाल कर रहे हैं। आलम यह है कि आए दिन ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस साल की शुरुआत ही ठगों ने 40 लाख की ठगी करके की है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पिछले साल 365 दिनों में साइबर थाने में बड़े मामलों के 15 केस दर्ज किए गए थे। जबकि, इस साल महज 20 दिन में आठ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं साइबर एक्सपर्ट ने हाल के दिनों की घटनाओं की जांच की तो बंगाल के जालसाजों के होने के संकेत मिले।

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साइबर एक्सपर्ट लोगों को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन लोग खुद ही अपना व्यक्तिगत डिटेल देकर खाता खाली करा दे रहे हैं। यह एक बड़ी मुसीबत हो गई है। साइबर एक्सपर्ट जालसाजों तक पहुंचने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है।
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जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन गेम और शॉपिंग के चक्कर में ज्यादा जालसाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं। जालसाज लोगों को लुभावने आफर देते हैं और ग्राहक के खाते का ब्योरा लेकर या तो रुपये उड़ा दे रहे हैं या फिर अपना खाता नंबर भेजकर उसमें रुपये भेजने को बोल रहे हैं। दोनों ही सूरत में आप जालसाजी के शिकार हो जाएंगे। दूसरे ऑनलाइन गेम के चक्कर में कम उम्र के बच्चों को फंसा रहे हैं।

पहले तो गेम में जीतते हैं, लेकिन फिर टास्क पूरा कराने के नाम पर रुपये लगाए जाते हैं। छोटी रकम से शुरू होने वाली यह ठगी लाखों में पहुंच जाती है। हाल के दिनों में जालसाजों ने इस तरह से कई लोगों को ठगी का शिकार बनाकर उनका खाता खाली कर दिया है।

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केस एक
गेम खेलकर गंवा दिए 40 लाख
झंगहा इलाके में 11वीं में पढ़ने वाला नाबालिग गेम खेलकर 40 लाख रुपये गंवा दिया है। वह कम उम्र में ही प्रॉपर्टी का काम भी करता है, उसने सात लाख रुपये अपने अकाउंट में जमा भी कर लिए थे। नाबालिग को ऑनलाइन रमी खेलने की आदत पड़ गई, जिसमें उसने चाचा के 30 लाख और 10 लाख अपने गवां दिए। जब उसे फायदा नहीं मिला तब पता चला कि वह जालसाजी का शिकार हो गया है। उसने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस जांच कर रही है। चाचा ने घर में शादी के लिए जमीन बेची थी, रकम भतीजे के खाते में थे।

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केस दो
शेयर मार्केट के नाम पांच लाख की ठगी
नए साल में शहर के कुछ व्यापारी के साथ शेयर मार्केट के नाम पर ठगी हो गई है। ऑनलाइन शेयर मार्केट में पैसा लगाकर दोगुना कमाने का लालच देकर एक कंपनी ने गोरखपुर और दूसरे शहरों के करीब 80 लोगों का एक ग्रुप बनाया था, जिसके जरिए पैसे लगाए जाते थे। सभी लोगों से लाखों रुपये लगवाकर फायदा देने से पहले कंपनी भाग गई। ऑनलाइन कंपनी के बारे में लोग कुछ जान भी नहीं रहे थे। शहर के एक व्यापारी ने पांच लाख ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।

जालसाजी हो तो तत्काल करें 1930 पर कॉल
अगर आपके साथ ऑनलाइन जालसाजी होती है तो तत्काल 1930 पर कॉल कर मदद पा सकते हैं।

साइबर थाना साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि साइबर थाने में पांच लाख या उससे अधिक की ठगी के मामलों में ही केस दर्ज किया जाता था, लेकिन अब हर मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। लोगों को जालसाजी से बचने के लिए खुद जागरूक होने की भी जरूरत है। नाबालिग के साथ घटना हुई है, उसकी जांच की जा रही है। इसमें जल्द सफलता की भी उम्मीद है।

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यह बरतें सावधानी
  • अपने बैंक खाते का ब्योरा किसी के साथ साझा ना करें।
  • अपने कंप्यूटर, फोन और टैबलेट को प्रोजेक्ट करने के लिए हमेशा अच्छे एंटी वायरस या एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
  • अलग-अलग ऑनलाइन अकाउंट के लिए एक सा पासवर्ड मत रखिए। ई-मेल, बैंक लॉग इन और सोशल मीडिया अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
  • डेट ऑफ बर्थ, एनिवर्सरी डेट या फोन नंबर को पासवर्ड ना बनाएं।
  • बैंक से आने वाले हर संदेश को पढ़ें, ताकि जालसाजी हो तो तुरंत जानकारी हो जाए।
  • ऑफर देकर अमीर बनाने का वादा करने वाले लिंक से दूरी बनाकर रखें।
  • अंजान फोन आने पर झांसे में कभी भी ना आएं, कोई भी कंपनी करोड़ रुपये का लकी ड्रा नहीं देती।

 
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