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Gorakhpur News: औलादों के लिए गया विदेश, आज वही नहीं; फफक पड़े पिता

Fri, 19 Jan 2024 02:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 19 Jan 2024 02:46 PM IST
सार

गगहा थाना क्षेत्र के बिठुआ गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई आग (अलाव) से फैली जहरीली गैस से दो बच्चों अंश (6) व अंतिका (3) की मौत हो गई थी, जबकि साथ में सोई मां राधिका (32) की हालत गंभीर हो गई थी। मां की सेहत में सुधार होने पर उसे बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।

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Went abroad for children not there today father burst into tears
गगहा में पीड़ित परिवार से मिलते एसडीएम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बिठुआ गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में अलाव जलाने के चलते दम घुटने से दो मासूमों की मौत से सभी गमगीन हैं। दुबई से बुधवार रात गांव पहुंचे पिता बच्चों की लाश से लिपट कर रोने लगे। बोले, जिन औलादों के लिए विदेश कमाने गए, आज वही नहीं हैं। दोनों शव को अंतिम संस्कार के लिए उठाया गया तो सबकी आंखें नम हो गईं।

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पिता ने दोनों बच्चों का शव जलप्रवाह कर दिया। मां राधिका की तबीयत में सुधार होने पर बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस घटना के लिए वह खुद को कोस रही हैं। बार-बार यही बोल रही हैं कि मेरी गलती की वजह से आज दोनों औलादों को खो दी हूं। बृहस्पतिवार को बांसगांव एसडीएम प्रदीप सिंह ने दुखी परिवार को ढांढस बंधाया।
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पिता दिलीप इस घटना से सदमे में हैं। फफकते हुए बोले, मेरी तो दुनिया ही वीरान हो गई। जिन बच्चों के पालन पोषण के लिए वतन छोड़कर पराए देश में खून पसीना बहाया, वही आज साथ छोड़ गए। वहीं, अस्पताल से घर पहुंचने पर मां राधिका ने जैसे ही बच्चों का शव देखा, दहाड़ मारकर रो पड़ीं। कई बार बेहोश भी हो गईं।
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वह हर पल खुद को कोस रही हैं। रोते हुए बोलीं-अब ये दुनिया मेरे किसी काम की नहीं है। एक रात में परिवार उजड़ गया...। वहां मौजूद महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं। राधिका सुबकते हुए बोलीं-सोचा था थोड़ी देर में उठकर तसला बाहर रख दूंगी, लेकिन नींद लग गई। मेरी गलती से बच्चे बिछड़ गए। मुझे रात में बच्चों की चीखें सुनाई दीं, लेकिन होश नहीं था। अब उनकी आवाज जिंदगी भर कानों में गूंजती रहेगी।
 

Went abroad for children not there today father burst into tears
बाएं से राधिका, अंश (फाइल) और अंतिका (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
हर आंखें थीं नम...भारी मन से दी बच्चों को अंतिम विदाई
बृहस्पतिवार को गमगीन माहौल में बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। मासूमों की असमय मौत से पूरे गांव में दुख का माहौल है, गांव के हर व्यक्ति की आंख नम है। दोनों मासूम बच्चों की एक साथ अर्थियां उठते ही मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा और भारी मन से बच्चों को अंतिम विदाई दी। पिता दिलीप ग्रामीणों के साथ गोला स्थित सरयू घाट पर पहुंचे और कांपते हाथ से कलेजे के टुकड़े अंश (6) और अंशी उर्फ अंतिका (3) को जल में प्रवाहित किया तो घाट पर मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं।

यह हुआ था
गगहा थाना क्षेत्र के बिठुआ गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई आग (अलाव) से फैली जहरीली गैस से दो बच्चों अंश (6) व अंतिका (3) की मौत हो गई थी, जबकि साथ में सोई मां राधिका (32) की हालत गंभीर हो गई थी। मां की सेहत में सुधार होने पर उसे बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। पिता ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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