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गोरखपुर : तीन साल गुजरे, भूमिगत केबल का काम अधूरा
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गोरखपुर। असुरन चौक से खजांची चौराहे तक करीब 15 किलोमीटर (दोनों तरफ) तक बिजली खंभों व तारों को हटाकर भूमिगत केबल बिछाया जाना है। लेकिन, ढाई साल बीतने के बाद भी केबल ट्रेंच निर्माण नहीं हो सका। दो वर्ष पहले 11 करोड़ रुपये से भूमिगत केबल बिछाने का जिम्मा लखनऊ की एक फर्म को दिया गया था। फर्म ने काम शुरू किया और अभी तक ट्रेंच आधा-अधूरा ही हो सका। ट्रेंच निर्माण के साथ ही उसमें 1600 एंगल लगाए जाने थे। इसमें सिर्फ 600 एंगल ही लग सके हैं। ऐसे में केबल ट्रेंच के सहारे ले जाना मुश्किल है।
अभियंताओं ने लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक कर सड़क की दोनों पटरी पर केबल ट्रेंच निर्माण पर सहमति बनाई थी। इसके बाद भी काम अधूरा है। हालांकि, वर्तमान समय में ओवरहेड केबल से आपूर्ति दी जा रही है। दरअसल, शहर के मेडिकल रोड का चौड़ीकरण लोनिवि ठेकेदार के माध्यम से तीन साल से करा रहा है। असुरन से खजांची चौराहे तक लगे बिजली खंभे व तार सड़क पर आ गए हैं। लोनिवि ने इसके लिए तीन साल पहले 11 करोड़ बिजली निगम को दिए। लेकिन, काम अभी आधा भी नहीं हो सका है।
असुरन से खजांची तक भूमिगत केबल का काम अधूरा है। कई बैठकों के बाद भी काम अभी तक पूरा नहीं हो सका। एक बार फिर लोनिवि के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
-यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता शहरी
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अभियंताओं ने लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक कर सड़क की दोनों पटरी पर केबल ट्रेंच निर्माण पर सहमति बनाई थी। इसके बाद भी काम अधूरा है। हालांकि, वर्तमान समय में ओवरहेड केबल से आपूर्ति दी जा रही है। दरअसल, शहर के मेडिकल रोड का चौड़ीकरण लोनिवि ठेकेदार के माध्यम से तीन साल से करा रहा है। असुरन से खजांची चौराहे तक लगे बिजली खंभे व तार सड़क पर आ गए हैं। लोनिवि ने इसके लिए तीन साल पहले 11 करोड़ बिजली निगम को दिए। लेकिन, काम अभी आधा भी नहीं हो सका है।
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असुरन से खजांची तक भूमिगत केबल का काम अधूरा है। कई बैठकों के बाद भी काम अभी तक पूरा नहीं हो सका। एक बार फिर लोनिवि के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
-यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता शहरी