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Gorakhpur: गोड़धोइया नाला निर्माण के बीच बवाल, बांध तोड़ने पर राजनगर कॉलोनी में घुसा पानी, लोगों ने किया पथराव
Wed, 18 Jun 2025 12:21 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:21 AM IST
सार
सोमवार को हुई बारिश के बाद नाले में पानी बढ़ गया था। खजांची पुलिया की तरफ से पानी बढ़ा तो कार्यदायी संस्था ने काम करने के लिए बनाए तीन बांध तोड़ दिए।
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Gorakhpur News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोड़धोइया नाला निर्माण के बीच मंगलवार की शाम शक्तिनगर के राजनगर कॉलोनी में बवाल हो गया। नाले के बांध तोड़ने पर पानी घरों में घुस गया। कुछ मकानों में दरार भी आ गई। इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार के आदमियों पर पथराव भी किया। सूचना पर जलनिगम के अभियंता मौके पर पहुंचे। उनसे भी लोगों की नोकझोंक हो गई।
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मानसून से पहले हुई बारिश के कारण नाला निर्माण ठप हो गया है। अब विभाग को पूरा जोर नाले के पानी को डायवर्ट कर रामगढ़ताल में पहुंचाने पर है। जहां तक निर्माण हो गया है, उसे अब समेटा जा रहा है। सोमवार को हुई बारिश के बाद नाले में पानी बढ़ गया था। खजांची पुलिया की तरफ से पानी बढ़ा तो कार्यदायी संस्था ने काम करने के लिए बनाए तीन बांध तोड़ दिए। राजनगर कॉलोनी के पास पोकलेन से काम हो रहा था और यहां का बांध भी अभी नहीं तोड़ा गया था।
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आरोप है कि इससे वहां पानी का स्तर बढ़ गया और कुछ मकानों में घुस गया। राजनगर कॉलोनी के कई मकानों में दरार भी आ गई। इससे लोग आक्रोशित हो गए। मौके पर काम कर रहे जलनिगम के ठेकेदारों पर उनका फूट गया। आरोप है कि नागरिकों ने शाम को पत्थर भी चलाए। मोहल्ले के सागर कुमार का कहना है कि ठेकेदारों की दलील है कि मकान का मुआवजा मिल गया है। ऐसे में मकान ध्वस्त हो या दरार आए इससे उनका कोई सरोकार नहीं है। लोगों का कहना है कि घर के आसपास 20 से 25 फीट तक पानी जमा हो गया है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। रंजीत ने आरोप लगाया कि जलनिगम के अधिकारियों ने घटिया निर्माण को छिपाने के लिए रात में पानी खोल दिया। पानी खोलने से लोगों के घरों में दरार आ गई है। पानी घर में घुस गया है। घर से सटे मिट्टी तक नहीं पड़ी है, जिससे मकान गिरने का खतरा बना हुआ है।
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मुआवजा के बाद भी नहीं खाली किया मकान
जलनिगम के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि नाले के किनारे जो भी मकान रेड जोन में हैं, उन्हें मुआवजा देकर खाली करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने मकान खाली नहीं किया है।
2023 में शुरू हुआ था निर्माण
गोड़धोइया नाले का निर्माण कार्य एक अप्रैल 2023 से शुरू हुआ था। योजना के तहत 9.20 किमी लंबाई में नाला का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा 17.94 किलोमीटर लंबाई में इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन डाली जानी है। नाले के लिए 18 मीटर चौड़ाई तक मकानों में निशान लगाए गए हैं। इसमें करीब नौ मीटर में नाला है। दोनों तरफ आधा मीटर की दीवार रहेगी। नाले के दोनों तरफ चार मीटर जगह में सीवर लाइन बिछेगी। मुख्यमंत्री ने जून तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, मई में हुई बारिश की वजह से काम पूरा नहीं हो सका।
लोगों को जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े इसे देखते हुए नाले को डायवर्ट किया गया है। मकानों की सुरक्षा को लेकर लोहे के गर्डर लगाए गए हैं। राजनगर में पानी भरने की सूचना पर पोकलेन मशीन लगाई गई है। सुबह तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। - पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम नगरीय