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एआई जवाब देगा, अच्छा सवाल करना सिखाएंगी किताबें : योगी

Tue, 29 Sep 2026 02:55 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 02:55 AM IST
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AI will provide answers; books will teach how to ask good questions: Yogi
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किताबों से जुड़े रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एआई काम को आसान कर सकता है और सवालों के जवाब दे सकता है लेकिन प्रश्न करना नहीं सिखा सकता। जिज्ञासा पैदा करने और सोचने की क्षमता विकसित करने में किताबों की अहम भूमिका है।
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मुख्यमंत्री सोमवार को दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अमर उजाला की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए लेकिन इसकी सीमा वहीं तक होनी चाहिए, जहां इसका प्रयोग लोक और राष्ट्र कल्याण में हो। किताबें ज्ञान का ऐसा माध्यम हैं, जो विद्यार्थी को किसी विषय को गहराई से समझने और उसके बारे में नए सवाल खड़े करने की क्षमता देती है।
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उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में एआई की चर्चा है। तकनीक तेजी से बदल रही है और इसके माध्यम से कई कठिन काम आसान हो गए हैं। विद्यार्थी इसका उपयोग पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, लेकिन तकनीक को अपनी सोच का विकल्प नहीं बनने देना चाहिए। उत्तर आसानी से मिल जाना और सही सवाल पूछ पाना दो अलग बातें हैं। विद्यार्थी जिज्ञासु रहेंगे तो नई खोज और नवाचार का रास्ता भी खुलेगा।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थितजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के पालन और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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अगले सप्ताह शुरू होगी 500 खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, तकनीकी, स्टार्टअप के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाड, कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता को खूब नकद पुरस्कार देने साथ ही उन्हें सीधे सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले सप्ताह 500 और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती शुरू होगी।


कलाम का उदाहरण देकर बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को असफलता से न घबराने की सीख देते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कलाम फाइटर पायलट बनना चाहते थे लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आगे चलकर देश के मिसाइल मैन बने।


घूमना भी सीखने का जरिया
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल और भ्रमण के लिए भी समय निकालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों की यात्रा से प्रकृति, संस्कृति और विरासत को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने गोरखपुर के विद्यार्थियों से गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रामगढ़ताल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और ऐतिहासिक स्थलों को देखने की अपील की।


इंटरनेशनल ट्रेड शो में भी दिख रही यूपी की ताकत
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी की ताकत ग्रेटर नोएडा में चल रहे इंटरनेशनल ट्रेड शो में भी दिख रही है। यहां उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। रविवार को वहां डेढ़ लाख से अधिक लोग आए, सोमवार को भी भारी भीड़ आई। इंटरनेशनल ट्रेड शो में नब्बे देशों के खरीदार आए हैं। उन्होंने ओडीओपी में शामिल गोरखपुर के टेराकोटा का उल्लेख करते हुए कहा कि टेराकोटा पहले से है लेकिन उसे सही पहचान, सम्मान उनकी सरकार में मिला है। शिल्पकारों के उत्पाद की बिक्री और उनकी आमदनी में खूब वृद्धि हुई है।
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सामर्थ्य था, इच्छाशक्ति आई तो यूपी बना अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सामर्थ्य की कमी नहीं थी, लेकिन नेतृत्व में इच्छाशक्ति का अभाव था। इसी वजह से प्रदेश बीमारू और बदनाम राज्य की छवि में फंस गया था। बीते साढ़े नौ वर्षों में सम-विषम परिस्थितियों में किए गए प्रयासों का परिणाम है कि यूपी आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले प्रदेश के सामने कई चुनौतियां थीं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का संकट था और कर्फ्यू-दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। उस समय यूपी पुलिस में दो लाख पद खाली थे। सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र में सुधार किए गए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के हित में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ प्रशिक्षण और उससे जुड़े ढांचे को मजबूत किया गया। साढ़े नौ वर्षों में पूरी शुचिता और पारदर्शिता से साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई, जिसमें यूपी पुलिस में 2.30 लाख नियुक्तियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। कभी बीमारू का तमगा पाने वाला यूपी अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। कर्फ्यू और दंगों से मुक्त होकर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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जॉब क्रिएटर बनें युवा : योगी
शिक्षा, खेल, स्टार्टअप या सामाजिक सेवा में लक्ष्य तय कर पूरी ताकत से जुटे
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से कहा कि वे नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। जॉब क्रिएटर बनने की क्षमता हर युवा में है। इसके लिए किसी एक क्षेत्र का चयन कर पूरी तन्मयता और मेहनत से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल होने तक प्रयास जारी रखें, सफलता जरूर मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मंच और सहयोग दे रही है। सरकारी सेवा, स्टार्टअप, इनोवेशन, सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा हौसला न हारें। परिश्रम और लगातार प्रयास से वे अच्छे वैज्ञानिक, शिक्षाविद, खिलाड़ी, कलाकार और उद्यमी बन सकते हैं।
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मेडल बेटियों के नाम, बेटे पीछे...
योगी बोले- संकोच की जकड़न से निकलना होगा
गोरखपुर। मंच पर सम्मान की बारी आई तो बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस तस्वीर को समाज में बदलती सोच का संकेत बताते हुए कहा कि बेटियों को महत्व और अवसर मिले तो वे प्रतिभा के दम पर हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। समाज को बेटियों को लेकर संकोच की जकड़न से बाहर निकलना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच पर आने के बाद उन्हें यह देखकर और अच्छा लगा कि सम्मान पाने वालों में बेटियों की संख्या अधिक थी, जबकि बेटे कुछ पीछे रह गए। उन्होंने कहा कि यह बदलाव बताता है कि बेटियों को महत्व मिलने पर वे अपनी प्रतिभा के बल पर किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी पुरानी सोच और संकोच से बाहर निकलना होगा। बेटियों को अवसर देने और उनकी प्रतिभा को पहचानने की जरूरत है। जब परिवार और समाज उनका हौसला बढ़ाएंगे तो वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएंगी।
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... तो रवि किशन संकोच में पड़ गए होंगे
मुख्यमंत्री ने सांसद रवि किशन का भी हल्के-फुल्के अंदाज में जिक्र किया। कहा कि यहां जब बेटियां ही आगे बढ़कर मेडल जीत रही थीं तो रवि किशन भी संकोच में पड़ गए होंगे कि कहीं उन्हें ट्रोल न कर दिया जाए। इस पर सभागार में हंसी गूंज उठी। योगी ने कहा कि बेटियों की हिम्मत और उपलब्धियों के सामने आज उनकी हिम्मत भी जवाब दे सकती है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सफलता केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समाज में आ रहे बदलाव की तस्वीर भी है।
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