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चौरीचौरा कांड से हटाया जाएगा ‘कांड’ शब्द, और भी होंगे कई बदलाव
Mon, 01 Feb 2021 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राजीव रंजन, गोरखपुर
राजीव रंजन, गोरखपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 01 Feb 2021 06:44 AM IST
सार
- स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं से जुड़े कई शब्दों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर रही है भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद
- चौरीचौरा कांड और 1857 का विद्रोह सहित कुल 56 शब्द किए गए हैं चिह्नित
- अंग्रेजों के दस्तावेज के अनुसार इन शब्दों को इतिहास में कर लिया गया है शामिल
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चौरीचौरा शताब्दी समारोह
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
‘चौरीचौरा कांड’ से ‘कांड’ शब्द हटाकर ‘जनाक्रोश’ शब्द जोड़ने की तैयारी है। इसी तरह इतिहास के पन्नों से आजादी के आंदोलन से जुड़ी कई और घटनाओं के नाम में परिवर्तन किया जाएगा, ताकि उनका सही अर्थ ध्वनित हो सके।
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केंद्र सरकार की ओर से गठित भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद ने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐसे 56 शब्दों को चिह्नित किया है, जो स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के महत्व को कम करके परिभाषित कर रहे हैं। परिषद इन शब्दों में बदलाव कर नई शब्दावली तैयार कर रही है। परिषद बदलाव संबंधी प्रस्ताव मानव संसाधन मंत्रालय को भेजेगी, वहां से स्वीकृति के बाद ‘चौरीचौरा कांड’ जैसे शब्द इतिहास के पन्नों में बदल जाएंगे।
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दरअसल, स्वतंत्र भारत के इतिहास लेखन में आजादी के दौरान घटित कई घटनाओं को बिल्कुल उसी तरह से दर्ज कर दिया गया, जैसा कि ब्रिटिश दस्तावेज में था। जानकारों का मानना है कि इसी वजह से इनका सही अर्थ ध्वनित नहीं हो पाता है।
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बता दें कि इस वर्ष चौरीचौरा की घटना का प्रदेश सरकार शताब्दी समारोह मना रही है। जिसे इतिहास के पन्नों में ‘चौरीचौरा कांड’ के नाम से जाना जाता है। जानकार कहते हैं कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी यह घटना ‘कांड’ नहीं थी, बल्कि जनाक्रोश था। ऐसा जनाक्रोश जिसमें सर्वसमाज की भागीदार थी। ऐसे ही चापेकर बंधुओं द्वारा ब्रिटिश हुकमरानों के खिलाफ संग्राम को स्वतंत्र भारत के इतिहास में चापेकर बंधुओं का कांड शब्द से परिभाषित किया गया है। इसी तरह शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के खिलाफ मुकदमा चला था।
उन्हें फांसी की सजा सुनाई जा रही थी तो अंग्रेजों ने उस वक्त इस घटना के लिए ‘लाहौर षड्यंत्र मुकदमा’ नाम दिया। जब देश आजाद हुआ तो इतिहासकारों ने इस घटना को आजादी की लड़ाई के स्थान पर अंग्रेजों द्वारा उद्धृत शब्द लाहौर षड्यंत्र को ही इतिहास में अंकित कर दिया। जबकि स्वतंत्र भारत के इतिहास में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े शब्दों में बदलाव किया जाना चाहिए था।
इसी तरह काकोरी कांड, जलियांवाला बाग कांड, 1857 का विद्रोह और सिपाही विद्रोह समेत कुल 56 शब्द चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें नए सिरे से परिभाषित किया जाएगा। इन शब्दों के बदले परिषद नई शब्दावली तैयार कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं केंद्र सरकार द्वारा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के नामित सदस्य प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी ने इसकी पुष्टि की है।
यह हो रहे प्रमुख बदलाव
1857 का विद्रोह एवं विप्लव और सिपाही विद्रोह इन तीनों शब्दों को हटाकर इनके स्थान पर 1857 : स्वाधीनता का प्रथम संग्राम, उसी तरह स्वराज्य : पश्चिम के लोकतंत्र के मूल्यों का खंडन और बाल गंगाधर तिलक के स्वराज्य की अवधारणा और भारतीय लोकतंत्र का समावेषण, कांड शब्द को हटाकर उसके स्थान पर प्रतिउत्तर, आक्रोश।