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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में बनेगा फ्लोटिंग वेटलैंड, पक्षियों को मिलेगा बसेरा
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गोरखपुर। रामगढ़ताल को स्वच्छ और पर्यावरण के दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने की दिशा में गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने नई पहल शुरू की है। ताल के एक हिस्से में अब फ्लोटिंग वेटलैंड विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार हो सकेगा।
दरअसल, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने 18 मई को रामगढ़ताल और ताल रिंग रोड क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान गौतम बुद्ध द्वार पैडलेगंज से स्मार्टव्हील शोरूम की ओर जाने वाले मार्ग के पास ताल का पानी काफी गंदा और दुर्गंधयुक्त मिला। पंपिंग स्टेशन के आसपास का क्षेत्र उथला होने के कारण वहां गंदगी जमा हो रही थी। हालांकि, कचरे को ताल के भीतर फैलने से रोकने के लिए पहले से लगाए गए फ्लोटिंग ट्रैश बैरियर को अब और मजबूत कर ताल रिंग रोड के किनारे तक कस दिया गया है।
निरीक्षण के बाद उपाध्यक्ष ने ताल किनारे और ट्रैश बैरियर के बीच फ्लोटिंग वेटलैंड विकसित करने का निर्देश दिया। इसके लिए पहले ड्रेजिंग कर सिल्ट हटाई जाएगी। इसके बाद प्राकृतिक ढंग से तैरता हुआ हरित क्षेत्र तैयार किया जाएगा, जहां ऐसे जलीय पौधे लगाए जाएंगे जो पक्षियों को आकर्षित करने के साथ जल शोधन में भी सहायक होंगे। इन पौधों के आसपास कीट-पतंगे पनपेंगे, जो पक्षियों के भोजन का स्रोत बनेंगे।
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उपाध्यक्ष ने कहा कि फ्लोटिंग वेटलैंड जलकुंभी और अन्य अपशिष्ट को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इससे ताल का पारिस्थितिक संतुलन बेहतर होगा और पर्यटकों को भी अधिक स्वच्छ व सुंदर वातावरण मिल सकेगा।
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दरअसल, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने 18 मई को रामगढ़ताल और ताल रिंग रोड क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान गौतम बुद्ध द्वार पैडलेगंज से स्मार्टव्हील शोरूम की ओर जाने वाले मार्ग के पास ताल का पानी काफी गंदा और दुर्गंधयुक्त मिला। पंपिंग स्टेशन के आसपास का क्षेत्र उथला होने के कारण वहां गंदगी जमा हो रही थी। हालांकि, कचरे को ताल के भीतर फैलने से रोकने के लिए पहले से लगाए गए फ्लोटिंग ट्रैश बैरियर को अब और मजबूत कर ताल रिंग रोड के किनारे तक कस दिया गया है।
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निरीक्षण के बाद उपाध्यक्ष ने ताल किनारे और ट्रैश बैरियर के बीच फ्लोटिंग वेटलैंड विकसित करने का निर्देश दिया। इसके लिए पहले ड्रेजिंग कर सिल्ट हटाई जाएगी। इसके बाद प्राकृतिक ढंग से तैरता हुआ हरित क्षेत्र तैयार किया जाएगा, जहां ऐसे जलीय पौधे लगाए जाएंगे जो पक्षियों को आकर्षित करने के साथ जल शोधन में भी सहायक होंगे। इन पौधों के आसपास कीट-पतंगे पनपेंगे, जो पक्षियों के भोजन का स्रोत बनेंगे।
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उपाध्यक्ष ने कहा कि फ्लोटिंग वेटलैंड जलकुंभी और अन्य अपशिष्ट को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इससे ताल का पारिस्थितिक संतुलन बेहतर होगा और पर्यटकों को भी अधिक स्वच्छ व सुंदर वातावरण मिल सकेगा।