फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   The trap of pigeon hunters in the border area...first they trap and then drown.

Gorakhpur News: सीमावर्ती क्षेत्र में कबूतरबाजों का जाल...पहले फंसाते हैं फिर डुबाे देते

Wed, 25 Dec 2024 08:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Wed, 25 Dec 2024 08:13 PM IST
विज्ञापन
The trap of pigeon hunters in the border area...first they trap and then drown.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। जनपद नेपाल सीमा से सटा है। उद्योग-धंधे न होने से युवा बेरोजगार हैं। इससे उबरने के लिए हाथ-पांव मारते रहते हैं और सीमावर्ती क्षेत्र में फैले कबूतरबाजों के जाल में फंस जा रहे हैं। सपने दिखाकर जालसाज पहले फंसाते हैं और फिर डुबाे देते हैं। पुलिस केस तो दर्ज करती है, लेकिन डूबे रुपये वापस नहीं हो पाते हैं।
कबूतरबाज सीमावर्ती इलाके में जगह-जगह ऑफिस खोल रखे हैं। यहां इनके गुर्गे रहते हैं। गुर्गे बेरोजगार युवाओं को फंसाकर ऑफिस पहुंचा देते हैं। ऑफिस पर बैठे गुर्गे उनको इस तरह मोटिवेट करते हैं कि युवक को नौकरी मिलने का भरोसा हो जाता है। वह किसी तरह पैसे का इंतजाम कर ऑफिस में पहुंचा देता है।
विज्ञापन

इस तरह लाखों रुपए इकट्ठे होते ही युवाओं को फर्जी वीजा व टिकट देकर उनको एयरपोर्ट भेज दिया जाता है।
जबतक युवाओं को वीजा व टिकट फर्जी होने का पता चलता है, जालसाज ऑफिस बंद कर फरार हो जाते हैं। जानकारों का कहना है कि आंख मूंदकर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही रुपये का लेनदेन करें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो ठगी का शिकार होने से कोई नहीं बचा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गिरोह के गुर्गे अधिकतर नेपाल के युवाओं को फंसाते हैं। क्योंकि नेपाल के युवा विदेश जाने के लिए लालायित रहते हैं। जालसाजों को उनसे खतरा भी कम रहता है। ठगी के शिकार युवाओं से बात हुई तो उनका दर्द छलक पड़ा। कहा कि केस तो दर्ज करा दिया, लेकिन रुपये नहीं मिले। घर पर रोजी-रोजागर में लग गए हैं।

जालसाज ने 40 लोगों से की थी ठगी : 2017 में नौगढ़ रेलवे स्टेशन के पास एक ऑफिस पर कबूतरबाज का मामला पुलिस के संज्ञान में आया था। 40 लोगों से ठगी हुई थी। ऑफिस के लोग फरार हो गए थे। लेकिन, जिसके माध्यम से युवाओं ने पैसा दिया था, वह गिरफ्तार हो गया था। जेल से छूटने के बाद उसने जमीन बेचकर पैसे लौटाए थे। ं

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed