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एम्स : एमबीबीएस छात्रों में मारपीट मामले में अगली सुनवाई 16 को
Sun, 15 Feb 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:50 AM IST
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गोरखपुर। एम्स के 17 छात्रों पर कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं, इसे लेकर उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। मामले में पक्ष रखने के लिए उच्च न्यायालय की तरफ से एम्स के इन छात्रों को नोटिस जारी की गई थी। इसमें 15 छात्र पीड़ित के बैच (2021) के ही हैं, जबकि दो छात्र सीनियर हैं। पीड़ित पक्ष के आरोपों पर एम्स और एम्स थाने में सुनवाई नहीं होने पर छात्र ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
दरअसल, एम्स में मारपीट की ये घटना 30 नवंबर 2024 की है। आरोप है कि किसी बात को लेकर एमबीबीएस के छात्रों के बीच विवाद हुआ था। एम्स के छात्र जितेंद्र भाटी ने खुद के ऊपर हमला किए जाने और अन्य आरोप छात्रों पर लगाए थे। लेकिन एम्स प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने पर छात्र जितेंद्र भाटी ने एम्स थाने में 17 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर दी थी।
मामले में पुलिस की ओर से भी कार्रवाई न होने पर मामला अदालत पहुंचा। पीड़ित छात्र जितेंद्र भाटी का आरोप है आरोप है छात्रों के समूह ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की। उसकी सोने की चेन भी छीन ली गई। उच्च न्यायालय ने इन आरोपों के बाद ही नोटिस जारी किया था।
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जितेंद्र भाटी ने बताया कि सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने माननीय न्यायालय की शरण ली है। इसके अलावा उन्होंने एम्स प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा की है। जितेंद्र भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय से नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपित छात्र मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
व्हाट्सएप ग्रुपों पर उड़ा रहे हैं मजाक
पीड़ित छात्र ने दावा किया कि न्यायालय के नोटिस के बाद भी छात्रों में किसी तरह की गंभीरता या डर नहीं है। ये एम्स छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुपों पर नोटिस को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं।
छात्रों को अधिवक्ता मिले तो पीड़ित पक्ष को भी दिया जाए
उच्च न्यायालय से नोटिस दिए जाने के बाद 17 छात्रों ने एक्स प्रबंधन से अधिवक्ता दिलाए जाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी पक्ष और पीड़ित दोनों एम्स के छात्र हैं। तो अगर एक पक्ष को एम्स अधिवक्ता उपलब्ध करवाता है तो उसे भी एम्स प्रबंधन एक अधिवक्ता मुहैया करवाए।
इन छात्रों को मिला नोटिस
आशुतोष यादव,अखिलेंद्र, सोनू सिंह राजपूत, राहुल रंजन, वरुण सौरभ, शुभम झा, कार्तिक पांडेय, युवराज, श्रेयस शर्मा, अभिषेक रंजन, आदर्श, पृथ्वीराज, हर्ष प्रताप, ज्ञान प्रकाश, अभिषेक आनंद सहित अन्य छात्रों को नोटिस जारी किया है। सीनियर छात्र प्रत्युश प्रीतम और अंकित दुबे और को भी न्यायालय की ओर से नोटिस भेजा गया है।
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दरअसल, एम्स में मारपीट की ये घटना 30 नवंबर 2024 की है। आरोप है कि किसी बात को लेकर एमबीबीएस के छात्रों के बीच विवाद हुआ था। एम्स के छात्र जितेंद्र भाटी ने खुद के ऊपर हमला किए जाने और अन्य आरोप छात्रों पर लगाए थे। लेकिन एम्स प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने पर छात्र जितेंद्र भाटी ने एम्स थाने में 17 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर दी थी।
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मामले में पुलिस की ओर से भी कार्रवाई न होने पर मामला अदालत पहुंचा। पीड़ित छात्र जितेंद्र भाटी का आरोप है आरोप है छात्रों के समूह ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की। उसकी सोने की चेन भी छीन ली गई। उच्च न्यायालय ने इन आरोपों के बाद ही नोटिस जारी किया था।
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जितेंद्र भाटी ने बताया कि सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने माननीय न्यायालय की शरण ली है। इसके अलावा उन्होंने एम्स प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा की है। जितेंद्र भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय से नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपित छात्र मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
व्हाट्सएप ग्रुपों पर उड़ा रहे हैं मजाक
पीड़ित छात्र ने दावा किया कि न्यायालय के नोटिस के बाद भी छात्रों में किसी तरह की गंभीरता या डर नहीं है। ये एम्स छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुपों पर नोटिस को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं।
छात्रों को अधिवक्ता मिले तो पीड़ित पक्ष को भी दिया जाए
उच्च न्यायालय से नोटिस दिए जाने के बाद 17 छात्रों ने एक्स प्रबंधन से अधिवक्ता दिलाए जाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी पक्ष और पीड़ित दोनों एम्स के छात्र हैं। तो अगर एक पक्ष को एम्स अधिवक्ता उपलब्ध करवाता है तो उसे भी एम्स प्रबंधन एक अधिवक्ता मुहैया करवाए।
इन छात्रों को मिला नोटिस
आशुतोष यादव,अखिलेंद्र, सोनू सिंह राजपूत, राहुल रंजन, वरुण सौरभ, शुभम झा, कार्तिक पांडेय, युवराज, श्रेयस शर्मा, अभिषेक रंजन, आदर्श, पृथ्वीराज, हर्ष प्रताप, ज्ञान प्रकाश, अभिषेक आनंद सहित अन्य छात्रों को नोटिस जारी किया है। सीनियर छात्र प्रत्युश प्रीतम और अंकित दुबे और को भी न्यायालय की ओर से नोटिस भेजा गया है।