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Gorakhpur News: नगर निगम 1.44 लाख बकायेदारों को ओटीएस की राहत, 71.71 करोड़ का ब्याज होगा माफ
Fri, 24 Jul 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:33 AM IST
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गोरखपुर। नगर निगम के गृहकर, जलकर और सीवरकर (संपत्तिकर) के 1.44 लाख से अधिक बकायेदारों को एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ मिलेगा। 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस योजना के तहत मूल कर जमा करने पर 71.71 करोड़ रुपये तक का ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। 1.44 लाख बकायेदारों को ओटीएस की राहत मिलेगी।
नगर निगम क्षेत्र के 1,44,894 बकायेदारों पर कुल 258.47 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें 186.76 करोड़ रुपये मूल कर और 71.71 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के बकायेदारों को मिलेगा। ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। आवेदन करने वाले करदाताओं को 30 दिनों के भीतर मूल बकाया का एक-तिहाई जमा करना होगा, जबकि शेष राशि अधिकतम दो किस्तों में जमा की जा सकेगी। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे और नगर निगम में इसके लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी।
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम ई-मेल, एसएमएस, पत्र और विशेष शिविरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएगा। ओटीएस के लिए आवेदन 14 नवंबर तक लिए जाएंगे, जबकि सभी आवेदनों का निस्तारण 15 दिसंबर तक कर दिया जाएगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर ने बताया कि ओटीएस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कर जमा नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार वसूली और प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि योजना से नगर निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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नगर निगम क्षेत्र के 1,44,894 बकायेदारों पर कुल 258.47 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें 186.76 करोड़ रुपये मूल कर और 71.71 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के बकायेदारों को मिलेगा। ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। आवेदन करने वाले करदाताओं को 30 दिनों के भीतर मूल बकाया का एक-तिहाई जमा करना होगा, जबकि शेष राशि अधिकतम दो किस्तों में जमा की जा सकेगी। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे और नगर निगम में इसके लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी।
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योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम ई-मेल, एसएमएस, पत्र और विशेष शिविरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएगा। ओटीएस के लिए आवेदन 14 नवंबर तक लिए जाएंगे, जबकि सभी आवेदनों का निस्तारण 15 दिसंबर तक कर दिया जाएगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर ने बताया कि ओटीएस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कर जमा नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार वसूली और प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि योजना से नगर निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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