Gorakhpur News: गोरखपुर शहरवासी हैरत में...गोलघर-रेलवे स्टेशन से कब्जों के साथ जाम भी गायब
गोलघर बाजार में सोमवार को ठेले वाले नजर नहीं आए तो काली मंदिर के सामने सड़क पर मरम्मत को आने वाले वाहन हटवा दिए गए। अतिक्रमण हटने के बाद से शहरवासी भी हैरत में हैं कि वही काली मंदिर रोड और बाकी इलाके हैं, जहां पर वाहन चलते नहीं बल्कि रेंगते थे।
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गोरखपुर में अतिक्रमण के खिलाफ चले अभियान का असर अब गोलघर की सड़कों, रेलवे स्टेशन के फुटपाथ और काली मंदिर रोड पर भी देखने को मिलने लगा। यहां से कब्जा हटाया गया तो सोमवार को भी इन रास्तों पर जाम नहीं लगने पाया। गोलघर बाजार में सोमवार को ठेले वाले नजर नहीं आए तो काली मंदिर के सामने सड़क पर मरम्मत को आने वाले वाहन हटवा दिए गए। अतिक्रमण हटने के बाद से शहरवासी भी हैरत में हैं कि वही काली मंदिर रोड और बाकी इलाके हैं, जहां पर वाहन चलते नहीं बल्कि रेंगते थे।
अब शहर की प्रमुख सड़कों से अतिक्रमण तो हट गया, लेकिन गोलघर के गलियारे पर फैसला होना अभी बाकी है। नगर निगम इस पर फैसला लेगा, इसके बार ही यहां के गलियारे खाली हो पाएंगे और वर्तमान में चौड़ी सड़क के बीच ही गलियारे खाली हो गए तो गोरखपुर का कनॉट प्लेस फिर से गुलजार हो जाएगा।
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गोलघर: सड़क किनारे से ठेले हटाए गए...अस्थायी दुकानदारों को हटाया
गोलघर में सोमवार को जाम से राहत मिला। इसकी वजह वहां से अतिक्रमण का हटना ही है। सड़क किनारे लगे ठेले वालों को वहां से हटाया गया तो वहीं सड़क पर बैग, झोला बेचने वालों को भी हटाकर दूसरी जगह पर व्यापार करने को कहा गया। अतिक्रमण हटने के बाद सोमवार को सड़क इतनी चौड़ी हो गई कि किसी को भी वहां पर जाने के लिए जहमत नहीं उठाना पड़ा। जबकि, इस रोड पर ठेले और अस्थायी दुकानों की वजह से आधे रोड पर कब्जा रहता था और गोलघर जैसे प्रमुख बाजार में भी लोगों को जाने से पहले सोचना पड़ता था। लेकिन, यहां के गलियारे अभी खाली नहीं हो सके है, उसके लिए नगर निगम के आदेश का इंतजार है।
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रेलवे स्टेशन: फुटपाथ से हटाए गए लिट्टी-चोखा के ठेले...मिली जाम से राहत
रेलवे स्टेशन रोड से सोमवार को फुटपाथ पूरी तरह से जाम मुक्त करा दिया गया। यहां पर फुटपाथ पर लगे लिट्टी-चोखा, छोले बठूरे के ठेले भी हटा दिए गए। इसका फायदा यह रहा कि सोमवार को भी इस रोड पर वाहन फर्राटे भर रहे थे। यह वही रेलवे स्टेशन रोड है, जहां पर कुछ दिन पहले तक चलना मुश्किल हुआ करता था। दोनों साइड फुटपाथ पर कब्जा होने की वजह से जाम लग जाता था। इसकी वजह थी कि ठेले वाले दुकान लगाते थे तो उसके आगे खरीदार और उनके वाहनों की लाइन लग जाती थी। सबसे ज्यादा परेशानी रेल सफर को आने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ती थी।
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काली मंदिर: दुकानों के सामने हटाए गए मरम्मत के वाहन तो चौड़ी हो गई सड़क
काली मंदिर के सामने पुलिस लाइंस की ओर जाने वाले रास्ते को भी जाम मुक्त कर दिया गया है। सोमवार को यहां पर दुकानों के सामने कार की मरम्मत करने वालों को हटाया गया तो रोड इतनी चौड़ी हो गई कि जाम ही खत्म हो गया। सोमवार के दिन भी लोगों को परेशान नहीं होना पड़ा। जबकि, इस रोड पर पहले वाहन चलते नहीं, बल्कि रेंगते थे। इसकी वजह थी कि रोड किनारे ही ऑटो पार्ट्स के दुकान हैं और उसके सामने आधी सड़क तक मिस्त्री का कब्जा होता था। सड़क पर ही वाहनों के मरम्मत का काम होता था, जिस वजह से चलने के लिए सड़क ही नहीं बचती थी।