फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   The murder was planned... more than one person was involved, the accused were acquaintances.

Gorakhpur News: हत्या योजनाबद्ध... एक से अधिक लोग शामिल, परिचित थे आरोपी

Wed, 26 Nov 2025 12:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
The murder was planned... more than one person was involved, the accused were acquaintances.
कई पहलुओं पर शाहपुर पुलिस कर रही जांच, परिवार ने नकदी-गहने गायब को हत्या का मुख्य कारण बताया
विज्ञापन

- तीन दशक पुराने मकान पर कई बार हुई कब्जे की कोशिश
- शाहपुर थाना क्षेत्र में मां-बेटी की हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुरवा में हथौड़े से सिर कूंचकर शांति देवी (90) और उनकी बेटी विमला जायसवाल (55) की हत्या मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध है। लूट प्राथमिक कारण नहीं लगता। हत्यारा मृतकों का परिचित था। वहीं परिवार लूट और नकदी-गहने गायब होने को हत्या का मुख्य कारण बता रहा है। पुलिस संपत्ति विवाद, ई-रिक्शा पार्किंग को लेकर चल रहे झगड़े और परिचितों की भूमिका जैसे कई एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।

मां-बहन की हत्या की सूचना पर छोटी बेटी सुशीला, पति नवीन जैन व बच्चों के साथ लखनऊ से गोरखपुर पहुंचीं। सुशीला के मुताबिक, उनकी बहन विमला के घुटने का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए उसने 8.50 लाख रुपये दिए थे। रकम घर में रखी थी और विमला अक्सर सोने की चेन व 18 ग्राम की ब्रेसलेट पहनती थीं, जो गायब है।
विज्ञापन

सुशीला का दावा है कि हत्यारे ने वारदात के बाद नकदी और जेवरात दोनों ले लिए। हालांकि उनकी मां शांतिदेवी के शरीर पर उनके जेवर जस के तस मिले, जिससे परिजन आश्वस्त हैं कि हत्या सिर्फ लूट के लिए नहीं हुई। सुशीला ने यह भी बताया कि उनकी बहन को मोहल्ले के एक ई-रिक्शा चालक से काफी समय से विवाद था। चालक घर के गेट के सामने ई-रिक्शा खड़ा करके चार्जिंग करता था और मना करने पर गाली-गलौज करता था। शाहपुर पुलिस के अनुसार, यह घटना योजनाबद्ध है और लूट प्राथमिक कारण नहीं लगता। जांच टीम ने संपत्ति, पुराने झगड़ों और मृतका विमला के संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन, पुराने विवादों और पड़ोसियों के बयान खंगाल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
20 नवंबर को हुई थी अंतिम बातचीत
सुशीला ने बताया कि 20 नवंबर को उनकी मां और बहन से बात हुई थी, सब कुछ सामान्य था। एक माह पहले वह अपनी आंख का ऑपरेशन कराने गोरखपुर आई थीं और 20 दिन मां-बहन के साथ रहकर लौटी थीं। हत्या की खबर सुनकर वह दोबारा परिवार संग शहर पहुंचीं।
---
पुलिस की नजर मकान की हिस्ट्री पर
सुशीला ने बताया कि उनके पिता रामनरेश ने जीवनकाल में यह मकान नाती ऋषभ के नाम वसीयत कर दी थी। इसके बाद ऋषभ ने बालिग होने पर अपनी मां सुशीला को पावर ऑफ अटॉर्नी सौंप दी, जिन्होंने पांच वर्ष पूर्व एक प्रॉपर्टी डीलर अजय मिश्रा को 55 लाख रुपये में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसी समय दूसरी पत्नी की बेटियों से कमरे खाली कराए गए थे। घोषीपुरवा स्थित यह मकान करीब 4000 वर्ग फीट का है। मकान का हाउस टैक्स बेतियाहाता निवासी अजीत शाही के नाम चढ़ा होने को लेकर भी वर्षों से विवाद रहा है। इतना ही नहीं, लगभग दस वर्ष पहले एक छात्र नेता ने भी अपने लोगों को किरायेदार बनाकर जबरन कब्जा करने की कोशिश की थी,लेकिन मामला मंदिर तक पहुंचने पर उनके लोग मकान छोड़कर चले गए थे। इससे प्रमाणित होता है कि यह मकान लगातार विवादों में रहा है।
--
वर्ष 1965 में रामनरेश ने बनवाया था दो मंजिला मकान

मृतका 70 वर्षीय शांति देवी और उनकी अविवाहित बेटी विमला जायसवाल गीता वाटिका के समीप स्थित दो मंजिला पैतृक मकान में रहती थीं। जानकारी के अनुसार शांति देवी के पति रामनरेश जायसवाल वर्ष 1965 में गोरखपुर आए थे और उन्होंने मकान बनवाया था। रामनरेश की दो शादियों से कुल चार बेटियां थीं। उनकी पहली पत्नी से बड़ी बेटी सुशीला जायसवाल की शादी जौनपुर में की गई, जो वर्तमान में अपने पति और बच्चों के साथ लखनऊ में रहती हैं। दूसरी पत्नी की दोनों बेटियों ने प्रेम विवाह किया था, जबकि विमला ने शादी न करके अपनी वृद्ध मां की देखभाल की जिम्मेदारी उठाई।
--
पहले शांति देवी फिर मिला बेटी विमला का शव
मौके पर सबसे पहले शांति देवी का शव मिला था। बाद में विमला का शव घर के अंदर अलग स्थान से बरामद हुआ। शांति देवी उम्र व बीमारी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थीं, ऐसे में उनके खिलाफ अत्याधिक बल प्रयोग यह दर्शाता है कि आरोपी उन्हें पहचानता था और उन्हें चुप कराने के लिए वारदात की गई। वहीं पड़ोसियों का कहना है कि घटना वाली रात किसी तरह की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी। पुलिस का मानना है कि हत्या परिचित की ओर से की गई है, क्योंकि घर में जबरन घुसने या हाथापाई के संकेत नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के सिर पर भारी हथौड़े जैसे हथियार से कई प्रहार किए गए हैं। पुलिस ने मौके से शराब की बोतल, बिखरे सामान, टूटी अलमारी और कुछ संदिग्ध निशान भी कब्जे में लिए हैं।


कोट
शाहपुर पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन, पुराने विवाद, प्रॉपर्टी सौदा, किरायेदारों के रिकॉर्ड और पड़ोसियों के लिए बयान खंगाल रही है। हत्या में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपी मकान से भली-भांति परिचित थे। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed