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Gorakhpur News: मन भी राम का, सबके राम हैं...सब है राम का
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में शनिवार की शाम कविता, संवेदना, हास्य और राष्ट्रभक्ति के नाम रही। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित कवि सम्मेलन में चार कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को कभी जोश से भर दिया तो कभी भावुक कर दिया।
ओजपूर्ण कविताओं, सामाजिक व्यंग्य और गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कवि सम्मेलन में आगरा की गीतकार डॉ. रुचि चतुर्वेदी, मेरठ के व्यंग्यकार डॉ. अनुज त्यागी, फिरोजाबाद के हास्य कवि एलेश अवस्थी और आगरा के राष्ट्रीय ओज कवि मोहित सक्सेना शौर्य ने काव्यपाठ किया। डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने स्त्री सशक्तिकरण और आत्मविश्वास को स्वर दिया। उनकी पंक्तियां ‘मैं बिंदु से रेखा बनाने चली हूं, मैं सागर से नदिया मिलाने चली हूं’ ने महिलाओं की क्षमता और संकल्प को रेखांकित किया।
व्यंग्यकार डॉ. अनुज त्यागी ने कहा कि तन भी राम का, मन भी राम का, सबके राम हैं, सब है राम का। एलेश अवस्थी ने सैनिकों के बलिदान पर आधारित भावुक पंक्तियां सुनाई। रोई है हूंक भर के मां बेटे से चिपट कर, आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपट कर। उनकी प्रस्तुति पर कार्यक्रम स्थल में सम्मान और भावुकता का माहौल बना। वहीं, मोहित सक्सेना शौर्य ने वीरता, आस्था और राष्ट्रप्रेम से जुड़ी कविताओं के माध्यम से युवाओं में उत्साह भरा। राणा प्रताप, अर्जुन और राम मंदिर के संदर्भों से सजी उनकी पंक्तियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा। उनकी ओजपूर्ण प्रस्तुति ने विद्यार्थियों में देशभक्ति का भाव जगाया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने सभी कवियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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ओजपूर्ण कविताओं, सामाजिक व्यंग्य और गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कवि सम्मेलन में आगरा की गीतकार डॉ. रुचि चतुर्वेदी, मेरठ के व्यंग्यकार डॉ. अनुज त्यागी, फिरोजाबाद के हास्य कवि एलेश अवस्थी और आगरा के राष्ट्रीय ओज कवि मोहित सक्सेना शौर्य ने काव्यपाठ किया। डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने स्त्री सशक्तिकरण और आत्मविश्वास को स्वर दिया। उनकी पंक्तियां ‘मैं बिंदु से रेखा बनाने चली हूं, मैं सागर से नदिया मिलाने चली हूं’ ने महिलाओं की क्षमता और संकल्प को रेखांकित किया।
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व्यंग्यकार डॉ. अनुज त्यागी ने कहा कि तन भी राम का, मन भी राम का, सबके राम हैं, सब है राम का। एलेश अवस्थी ने सैनिकों के बलिदान पर आधारित भावुक पंक्तियां सुनाई। रोई है हूंक भर के मां बेटे से चिपट कर, आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपट कर। उनकी प्रस्तुति पर कार्यक्रम स्थल में सम्मान और भावुकता का माहौल बना। वहीं, मोहित सक्सेना शौर्य ने वीरता, आस्था और राष्ट्रप्रेम से जुड़ी कविताओं के माध्यम से युवाओं में उत्साह भरा। राणा प्रताप, अर्जुन और राम मंदिर के संदर्भों से सजी उनकी पंक्तियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा। उनकी ओजपूर्ण प्रस्तुति ने विद्यार्थियों में देशभक्ति का भाव जगाया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने सभी कवियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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