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Gorakhpur News: दिल की मुख्य धमनी फट सकती है, बिना चीरा लगाए हो रहा इलाज
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गोरखपुर। दिल से शरीर को साफ खून पहुंचाने वाली महाधमनी (एओरेटा वेन) में सूजन होने से यह फट सकती है। धमनी फटने के तीन घंटे के बाद मरीज की मौत हो सकती है। महाधमनी खून की नाली में गांठ, फटने एवं सूजन का बीमारियों का इलाज इंटरवेंशन विधि से बिना चीरा लगाए किया जा सकता। इसका इलाज स्टेंटग्राॅफ्ट विधि से किया जा सकता है।
यह बातें, लखनऊ के केजीएमयू के रेडियोलॉजी विभाग के प्रो. नितिन अरुण दीक्षित ने कही। वह रविवार शहर के एक टाउन हाल में जीपी एसोसिएशन के वार्षिक वैज्ञानिक गोष्ठी बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। बताया कि स्टेंटग्राॅफ्ट विधि बेहद सुरक्षित है। इससे मरीजों को काफी लाभ है। एम्स के निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि संगठन द्वारा सीएमई एवं निशुल्क स्वास्थ शिविर का आयोजन होता है। यह अच्छी बात है। इससे मरीजों को काफी हद तक लाभ है। एम्स के चिकित्सक भी इस तरह के कार्यक्रम में अपना योगदान देने को तैयार है। तम्कुहीराज विधायक डॉ. असीम कुमार ने एसोसिएशन के कार्यों की तारीफ की। डॉ. आलोक गुप्ता ने मधुमेह मरीजों के लाइफ स्टाइल, रोकथाम एवं उपचार के बारे में बताया। बीआरडी के मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से होने वाले दुष्प्रभाव एवं बचाव के बारे में बताया। कहा कि गर्भ धारण के समय गर्भस्थ शिशु के दिमाग का विकास कम होता है। एसोसिएशन की सचिव डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने पूरे वर्ष में किए हुए वैज्ञानिक गोष्ठियों, सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। इस दौरान डॉ. एपी गुप्ता, डॉ. रोशन झा, डॉ. एसी वैश्य, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. नदीम अरशद, डॉ. एम एन गुप्ता, डॉ. आरए अग्रवाल, डॉ. पीसी शाही, डॉ. एसपी अग्रवाल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, डॉ अश्वनी अग्रवाल, डॉ सीएन सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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हीमोफीलिया मरीजों को आठ और नौ फैक्टर उपलब्ध कराएं
गोरखपुर। विश्व हीमोफीलिया दिवस के मौके पर रविवार को सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हीमोफीलिया पीड़ितों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले फैक्टर आठ और नौ की व्यवस्था करने की मांग की गई। हीमोफीलिया सोसाइटी गोरखपुर चैप्टर की सचिव अंजू वर्मा ने बताया कि जिले में 265 पीड़ित संस्था से जुड़े हैं, जिन्हें फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा कम है। मुख्य अतिथि डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि हीमोफीलिया पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इस दौरान डाॅ. एससी कौशिक, आईएमए अध्यक्ष डाॅ. राजेश गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी गुप्ता, डॉ. वाई सिंह, डाॅ. राजेश शुक्ल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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यह बातें, लखनऊ के केजीएमयू के रेडियोलॉजी विभाग के प्रो. नितिन अरुण दीक्षित ने कही। वह रविवार शहर के एक टाउन हाल में जीपी एसोसिएशन के वार्षिक वैज्ञानिक गोष्ठी बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। बताया कि स्टेंटग्राॅफ्ट विधि बेहद सुरक्षित है। इससे मरीजों को काफी लाभ है। एम्स के निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि संगठन द्वारा सीएमई एवं निशुल्क स्वास्थ शिविर का आयोजन होता है। यह अच्छी बात है। इससे मरीजों को काफी हद तक लाभ है। एम्स के चिकित्सक भी इस तरह के कार्यक्रम में अपना योगदान देने को तैयार है। तम्कुहीराज विधायक डॉ. असीम कुमार ने एसोसिएशन के कार्यों की तारीफ की। डॉ. आलोक गुप्ता ने मधुमेह मरीजों के लाइफ स्टाइल, रोकथाम एवं उपचार के बारे में बताया। बीआरडी के मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से होने वाले दुष्प्रभाव एवं बचाव के बारे में बताया। कहा कि गर्भ धारण के समय गर्भस्थ शिशु के दिमाग का विकास कम होता है। एसोसिएशन की सचिव डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने पूरे वर्ष में किए हुए वैज्ञानिक गोष्ठियों, सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। इस दौरान डॉ. एपी गुप्ता, डॉ. रोशन झा, डॉ. एसी वैश्य, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. नदीम अरशद, डॉ. एम एन गुप्ता, डॉ. आरए अग्रवाल, डॉ. पीसी शाही, डॉ. एसपी अग्रवाल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, डॉ अश्वनी अग्रवाल, डॉ सीएन सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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हीमोफीलिया मरीजों को आठ और नौ फैक्टर उपलब्ध कराएं
गोरखपुर। विश्व हीमोफीलिया दिवस के मौके पर रविवार को सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हीमोफीलिया पीड़ितों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले फैक्टर आठ और नौ की व्यवस्था करने की मांग की गई। हीमोफीलिया सोसाइटी गोरखपुर चैप्टर की सचिव अंजू वर्मा ने बताया कि जिले में 265 पीड़ित संस्था से जुड़े हैं, जिन्हें फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा कम है। मुख्य अतिथि डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि हीमोफीलिया पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इस दौरान डाॅ. एससी कौशिक, आईएमए अध्यक्ष डाॅ. राजेश गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी गुप्ता, डॉ. वाई सिंह, डाॅ. राजेश शुक्ल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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