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कठिन परिश्रम से ही जलता है सफलता का चिराग: प्रो: अजय शुक्ला
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कठिन परिश्रम से ही जलता है सफलता का चिराग: प्रो: अजय शुक्ला
सपने सच करने के लिए पहले हमें देखने होंगे सपने
गोरखपुर। शिक्षा हमेशा मूल्यपरक होनी चाहिए। सभी ने विभाग में पढ़ते हुए शिक्षा के साथ-साथ मूल्य एवं संस्कार भी सीखे हैं। आगे आने वाले समय में भी इसी तरीके से इन मूल्यों को बरकरार रखें। सफलता का चिराग कठिन परिश्रम से ही जलता है। सपने को सच करने के लिए हमें सपने देखने होंगे।
उक्त बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने परास्नातक चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिसने भी खुद को खर्च किया है, दुनिया ने उसी को गूगल पर सर्च किया है। सफलता का चिराग़ कठिन परिश्रम से ही जलता हैं। इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे। सफलता के लिए संकल्प आवश्यक होता है और संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता हैं। इसीलिए सफल होने के लिए अपने लक्ष्य का संकल्प लें। इसके पूर्व निकिता त्रिपाठी, दीक्षा सिंह एवं शिल्पा सिंह के द्वारा सरस्वती वंदना का पाठ किया गया। विदाई समारोह में कार्यक्रम संचालन आदर्श वर्मा, अर्जिता दुबे, शिल्पा सिंह तथा अंजली यादव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रो आलोक कुमार, प्रो.सुनीता मुर्मू, प्रो. गौर हरी बेहेरा, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. अवनीश राय, डॉ.बृजेश कुमार, डॉ.संजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। शिक्षा हमेशा मूल्यपरक होनी चाहिए। सभी ने विभाग में पढ़ते हुए शिक्षा के साथ-साथ मूल्य एवं संस्कार भी सीखे हैं। आगे आने वाले समय में भी इसी तरीके से इन मूल्यों को बरकरार रखें। सफलता का चिराग कठिन परिश्रम से ही जलता है। सपने को सच करने के लिए हमें सपने देखने होंगे।
उक्त बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने परास्नातक चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिसने भी खुद को खर्च किया है, दुनिया ने उसी को गूगल पर सर्च किया है। सफलता का चिराग़ कठिन परिश्रम से ही जलता हैं। इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे। सफलता के लिए संकल्प आवश्यक होता है और संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता हैं। इसीलिए सफल होने के लिए अपने लक्ष्य का संकल्प लें। इसके पूर्व निकिता त्रिपाठी, दीक्षा सिंह एवं शिल्पा सिंह के द्वारा सरस्वती वंदना का पाठ किया गया। विदाई समारोह में कार्यक्रम संचालन आदर्श वर्मा, अर्जिता दुबे, शिल्पा सिंह तथा अंजली यादव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रो आलोक कुमार, प्रो.सुनीता मुर्मू, प्रो. गौर हरी बेहेरा, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. अवनीश राय, डॉ.बृजेश कुमार, डॉ.संजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
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