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Gorakhpur News: 140 छात्र क्षमता के अधूरे छात्रावास को अब एमएमएमयूटी खुद बनवाएगा
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- एमएमएमयूटी के प्रबंध बोर्ड की बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय
- एकेटीयू से छात्रावास के लिए मिली थी मंजूरी, पहली किस्त जारी होने के बाद खत्म हो गई थी योजना
- बजट के अभाव में लटक गया था काम, एकेटीयू ने खुद काम पूरा करने की दी सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 140 छात्र क्षमता के अधूरे छात्रावास को अब विश्वविद्यालय के मद से बनवाए जाने का निर्णय अहम है।
विश्वविद्यालय में डीडीयू क्यूआईपी कार्यक्रम के तहत निर्माणाधीन व एकेटीयू लखनऊ से सहायतित 140 क्षमता का पुरुष छात्रावास लंबे समय से अधूरा पड़ा था। प्रबंध बोर्ड ने निर्माण कार्य विश्वविद्यालय के स्रोतों से कराए जाने की मंजूरी प्रदान की। मंजूरी इस शर्त पर मिली कि भविष्य में डीडीयूक्यूआईपी कार्यक्रम के विस्तार की दशा में परियोजना पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति एकेटीयू लखनऊ की ओर से की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल के लिए एकेटीयू ने पहली किस्त जारी कर दी थी। उसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया। दूसरी किस्त का समय आया तब तक यह योजना ही बंद हो गई। तभी से विश्वविद्यालय प्रशासन एकेटीयू से पत्राचार कर रहा था। पेच को देखते हुए एकेटीयू ने एमएमएमयूटी को खुद शेष कार्य कराए जाने की अनुमति दे दी है।
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अब गोल्ड मेडल में होगा दो ग्राम सोना और 50 ग्राम चांदी
विश्वविद्यालय में प्रायोजित स्वर्ण पदकों सहित कुलाधिपति व कुलपति स्वर्ण पदकों की संशोधित नियमावली को मंजूरी भी मिल गई। अब कुलाधिपति स्वर्ण पदक 2 ग्राम 22 कैरेट सोने और 50 ग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित होगा। इसी प्रकार कुलपति व प्रायोजित स्वर्ण पदक एक ग्राम 22 कैरेट सोने और 50 ग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित होगा। स्वर्ण पदक प्रायोजित करने वालों को पांच वर्ष के लिए एकमुश्त 5 लाख रुपये विश्वविद्यालय कोष में जमा कराने होंगे। पहले से चल रहे प्रायोजित पदकों पर भी यह नियम लागू होंगे। प्रायोजित छात्रवृत्तियों के लिए संशोधित नियमावली को भी मंजूरी मिल गई।
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अंशुमान सिंह बने एमएमएमयूटी फाउंडेशन के सीईओ
एमएमएमयूटी फाउंडेशन के सीईओ के रूप में चयन के लिए समिति गठित की गई थी। समिति ने अंशुमान सिंह के नाम की संस्तुति की थी। इसे प्रबंध बोर्ड ने मंजूरी दे दी।
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विद्या परिषद और वित्त समिति से पास प्रस्तावों पर लगी मुहर
बीते दिनों विद्या परिषद और वित्त समिति ने विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। उन सभी प्रस्तावों पर प्रबंध बोर्ड ने मुहर लगा दी। इनमें सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी की स्थापना, संविदा शिक्षकों की वेतन वृद्धि, विभिन्न विभागों में अत्याधुनिक उपकरण की खरीदारी और नए कोर्स के संचालन आदि शामिल हैं।
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- एकेटीयू से छात्रावास के लिए मिली थी मंजूरी, पहली किस्त जारी होने के बाद खत्म हो गई थी योजना
- बजट के अभाव में लटक गया था काम, एकेटीयू ने खुद काम पूरा करने की दी सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 140 छात्र क्षमता के अधूरे छात्रावास को अब विश्वविद्यालय के मद से बनवाए जाने का निर्णय अहम है।
विश्वविद्यालय में डीडीयू क्यूआईपी कार्यक्रम के तहत निर्माणाधीन व एकेटीयू लखनऊ से सहायतित 140 क्षमता का पुरुष छात्रावास लंबे समय से अधूरा पड़ा था। प्रबंध बोर्ड ने निर्माण कार्य विश्वविद्यालय के स्रोतों से कराए जाने की मंजूरी प्रदान की। मंजूरी इस शर्त पर मिली कि भविष्य में डीडीयूक्यूआईपी कार्यक्रम के विस्तार की दशा में परियोजना पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति एकेटीयू लखनऊ की ओर से की जाएगी।
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बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल के लिए एकेटीयू ने पहली किस्त जारी कर दी थी। उसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया। दूसरी किस्त का समय आया तब तक यह योजना ही बंद हो गई। तभी से विश्वविद्यालय प्रशासन एकेटीयू से पत्राचार कर रहा था। पेच को देखते हुए एकेटीयू ने एमएमएमयूटी को खुद शेष कार्य कराए जाने की अनुमति दे दी है।
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अब गोल्ड मेडल में होगा दो ग्राम सोना और 50 ग्राम चांदी
विश्वविद्यालय में प्रायोजित स्वर्ण पदकों सहित कुलाधिपति व कुलपति स्वर्ण पदकों की संशोधित नियमावली को मंजूरी भी मिल गई। अब कुलाधिपति स्वर्ण पदक 2 ग्राम 22 कैरेट सोने और 50 ग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित होगा। इसी प्रकार कुलपति व प्रायोजित स्वर्ण पदक एक ग्राम 22 कैरेट सोने और 50 ग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित होगा। स्वर्ण पदक प्रायोजित करने वालों को पांच वर्ष के लिए एकमुश्त 5 लाख रुपये विश्वविद्यालय कोष में जमा कराने होंगे। पहले से चल रहे प्रायोजित पदकों पर भी यह नियम लागू होंगे। प्रायोजित छात्रवृत्तियों के लिए संशोधित नियमावली को भी मंजूरी मिल गई।
अंशुमान सिंह बने एमएमएमयूटी फाउंडेशन के सीईओ
एमएमएमयूटी फाउंडेशन के सीईओ के रूप में चयन के लिए समिति गठित की गई थी। समिति ने अंशुमान सिंह के नाम की संस्तुति की थी। इसे प्रबंध बोर्ड ने मंजूरी दे दी।
विद्या परिषद और वित्त समिति से पास प्रस्तावों पर लगी मुहर
बीते दिनों विद्या परिषद और वित्त समिति ने विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। उन सभी प्रस्तावों पर प्रबंध बोर्ड ने मुहर लगा दी। इनमें सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी की स्थापना, संविदा शिक्षकों की वेतन वृद्धि, विभिन्न विभागों में अत्याधुनिक उपकरण की खरीदारी और नए कोर्स के संचालन आदि शामिल हैं।