{"_id":"669c4692df76e1d5bc001e04","slug":"the-girl-screams-in-fear-when-she-cries-the-sister-takes-her-in-her-lap-and-swings-her-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-627646-2024-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: डरकर चीखती है बच्ची, रोने पर गोद में लेकर घुमाती हैं सिस्टर- दो पन्ने का पत्र और बेटी छोड़ गया था पिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: डरकर चीखती है बच्ची, रोने पर गोद में लेकर घुमाती हैं सिस्टर- दो पन्ने का पत्र और बेटी छोड़ गया था पिता
Sun, 21 Jul 2024 12:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2024 12:40 PM IST
सार
दो साल की मासूम बिटिया विषु को उसके परिजन शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में छोड़कर चले गए। बच्ची को गुलरिहा के एकला नंबर दो के प्रोविडेंस होम में रखा गया है। बच्ची की देखभाल में लगी सिस्टर ने बताया कि वह किसी को भी देखकर डरकर चींखने लग रही है। शुक्रवार पूरी रात वह रोती रही। चुप कराने के लिए वह उसे गोद में घुमाती रहीं।
विज्ञापन
इसी मासूम बच्ची को मेडिकल कॉलेज में छोड़ गया है पिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दो साल की मासूम बिटिया विषु को उसके परिजन शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में छोड़कर चले गए। बच्ची को गुलरिहा के एकला नंबर दो के प्रोविडेंस होम में रखा गया है। बच्ची की देखभाल में लगी सिस्टर ने बताया कि वह किसी को भी देखकर डरकर चींखने लग रही है। शुक्रवार पूरी रात वह रोती रही। चुप कराने के लिए वह उसे गोद में घुमाती रहीं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बिटिया विषु ने थोड़ा सा दूध चम्मच से पीया था। वह ठीक से चल नहीं पा रही है। उसके पैर में दिक्कत है। उसके सामने जब भी कोई जा रहा है तो चीखने और चिल्लाने लग रही है। वहीं, चाइल्ड टीम ने बताया कि विषु के माता-पिता का पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
बच्ची को क्या बीमारी है, इसके लिए उसका चेकअप कराया जाएगा। जो भी बीमारी आएगी उसका इलाज अच्छे डॉक्टर से कराया जाएगा। बच्ची के मिलने के बाद से ही पुलिस 100 नंबर वार्ड के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है। अभी तक परिजनों को खोजने में कामयाबी नहीं मिली।
विज्ञापन
यह हुआ था
शुक्रवार सुबह बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 100 के पास लावारिस हाल में सफाई कर्मचारी नजमा को दो साल की बच्ची रोती हुई मिली थी। उसके पास से मिले एक दो पन्ने का पत्र भी मिला था। साथ ही उसके दो सेट कपड़े और चप्पल भी झोले में थ।
करीब दो घंटे तलाश करने पर जब कोई नहीं मिला तब नजमा ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने चाइल्ड लाइन को बच्ची सौंप दी थी, जहां से उसे प्रोविडेंस होम में रखा गया। एकला नंबर दो स्थित प्रोविडेंस होम में मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को रखा जाता है।