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Gorakhpur News: गीडा के 200 से अधिक आवंटियों पर शिकंजा, 150 करोड़ से ज्यादा बकाया वसूली की तैयारी

Sat, 01 Aug 2026 03:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:09 AM IST
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The authority issued notices to defaulting entrepreneurs, directing them to deposit outstanding dues.
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने बकाया राशि जमा न करने और समय पर उद्योग स्थापित नहीं करने वाले 200 से अधिक आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण ने सभी डिफॉल्टर उद्यमियों को नोटिस जारी कर बकाया जल्द जमा करने का निर्देश दिया है। इन आवंटियों पर कुल 150 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है।
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शुक्रवार को गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बकाया वसूली की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने दिसंबर तक अधिकतम राजस्व वसूली का लक्ष्य तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि नोटिस के बावजूद लापरवाही बरतने वाले आवंटियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गीडा में उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूखंडों की राशि किस्तों में जमा करने की व्यवस्था है लेकिन बड़ी संख्या में आवंटी तय समय पर भुगतान नहीं कर रहे हैं। प्राधिकरण के अनुसार करीब 30 प्रतिशत से अधिक आवंटी डिफॉल्टर की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जिन्हें जमीन आवंटित हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उद्योग स्थापना की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कई भूखंडों पर निर्माण कार्य तक शुरू नहीं हुआ है।
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टॉप टेन बकायेदारों की अलग सूची
प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुसार, किसी आवंटी पर 50 हजार रुपये तो किसी पर 10 करोड़ रुपये तक का बकाया है। गीडा ने सबसे अधिक बकाया रखने वाले शीर्ष 10 आवंटियों की अलग सूची भी तैयार की है ताकि उनके मामलों की विशेष निगरानी की जा सके। सीईओ अनुज मलिक ने कहा कि सभी बकायेदारों को अलर्ट नोटिस भेजे जा चुके हैं। निर्धारित समय के भीतर बकाया जमा नहीं करने और उद्योग स्थापना में प्रगति नहीं दिखाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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