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Gorakhpur News: जहरीली है गोलघर की हवा, जरा भी लापरवाही कर देगी बीमार
Sun, 19 Nov 2023 07:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Nov 2023 07:22 AM IST
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गोलघर में सड़क पर खड़ी गाड़ियां। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर के व्यावसायिक हृदय स्थल गोलघर की हवा में घुला जहर कम नहीं हो रहा है। पिछले 15 दिन से गोलघर की वायु गुणवत्ता 200 माइक्रो घन प्रति मीटर से ऊपर बनी हुई है। दिवाली के बाद तो स्थिति और खराब हुई है, जो सांस संबंध रोगियों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। वहीं गोलघर की तुलना में एमएमएमयूटी इलाके की हवा काफी स्वच्छ है। जबकि गीडा इलाके के कारखानों से निकल रहा धुआं वातावरण में जहर खोल रहा है, वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 के पास बना हुआ है।
यह चौंकाने पर तथ्य शहर की वायु गुणवत्ता मापने के लिए अलग-अलग तीन स्थानों पर लगे उपकरण से मिले आंकड़े में सामने आया है। प्रदूषण विभाग की तरफ से हवा की गुणवत्ता मापने के लिए मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोलघर और गीडा में उपकरण लगाए गए हैं। एमएमएमयूटी के प्रो. एके मिश्रा की निगरानी में डॉ. सत्येंद्र यादव के द्वारा मॉनिटरिंग की जाती है। इन उपकरणों के प्राप्त आंकड़े शासन को भेजे जाते हैं। एक से 15 नवंबर तक गीडा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सबसे खराब मिली है। कारखानों एवं वाहनों से निकलने वालेे धुुएं और धुल के चलते प्रदूषण का स्तर काफी खराब है और वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 के आसपास बना रह रहा है। वहीं गोलघर की स्थिति भी गंभीर है। यहां भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के आसपास बना रह रहा है। विशेषज्ञ इसके पीछे गोलघर में ट्रैफिक लोड को कारण बता रहे हैं।
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गोलघर में दिवाली के बाद ढाई सौ के करीब पहुंचा एक्यूआई
यूं तो गोलघर में प्रदूषण का स्तर पिछले 15 दिनों से खराब बना हुआ है। लेकिन धनतेरस यानी 10 नवंबर के बाद से एक्यूआई में जबरदस्त उछाल आया। दिवाली की रात वायु गुणवत्ता 215 पहुंच गई जबकि 13 नवंबर को 243 व 14 नवंबर को 240 तक पहुंच गया।
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दिवाली के दिन गीडा क्षेत्र में काफी कम रहा एक्यूआई
गीडा क्षेत्र में कारखाने से निकलने वाले धुएं के चलते अक्सर वायु गुणवत्ता सूचकांक ढाई सौ के करीब बना रहता है। लेकिन दिवाली के दिन 12 नवंबर को अधिकतर कारखानों के बंद रहने के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक 149 दर्ज किया गया। जबकि दिवाली के एक दिन पहले 241 व बाद में 246 दर्ज किया गया।
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तीन स्थानों का यह है वायु गुणवत्ता का स्तर
तारीख...............एमएमएमयूटी...................गीडा..................गोलघर
8 नवंबर ...............149...............................240.......................193
9 नवंबर................140...............................212.......................198
10 नवंबर..............142...............................227.......................204
11 नवंबर..............140...............................241.......................197
12 नवंबर..............114...............................149.......................215
13 नवंबर..............123...............................201.......................243
14 नवंबर..............121...............................246.......................240
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कोट...
गोलघर में वाहनों की अत्यधिक आवाजाही, उससे उड़ने उठने वाली धूल प्रदूषण के लिए अत्यधिक जिम्मेदार है। गोलघर में बेतियाहाता से लेकर रेलवे स्टेशन तक छह ट्रैफिक सिग्नल है। उन पर रुकने पर लोग गाड़ी बंद नहीं करते हैं। इस दौरान वाहन से निकलने वाला धुंआ हवा का स्तर खराब कर रहा है।
- प्रो. एके मिश्र, डिप्टी को-ऑर्डिनेटर, वायु गुणवत्ता अनुश्रवण एमएमएमयूटी
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यह चौंकाने पर तथ्य शहर की वायु गुणवत्ता मापने के लिए अलग-अलग तीन स्थानों पर लगे उपकरण से मिले आंकड़े में सामने आया है। प्रदूषण विभाग की तरफ से हवा की गुणवत्ता मापने के लिए मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोलघर और गीडा में उपकरण लगाए गए हैं। एमएमएमयूटी के प्रो. एके मिश्रा की निगरानी में डॉ. सत्येंद्र यादव के द्वारा मॉनिटरिंग की जाती है। इन उपकरणों के प्राप्त आंकड़े शासन को भेजे जाते हैं। एक से 15 नवंबर तक गीडा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सबसे खराब मिली है। कारखानों एवं वाहनों से निकलने वालेे धुुएं और धुल के चलते प्रदूषण का स्तर काफी खराब है और वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 के आसपास बना रह रहा है। वहीं गोलघर की स्थिति भी गंभीर है। यहां भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के आसपास बना रह रहा है। विशेषज्ञ इसके पीछे गोलघर में ट्रैफिक लोड को कारण बता रहे हैं।
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गोलघर में दिवाली के बाद ढाई सौ के करीब पहुंचा एक्यूआई
यूं तो गोलघर में प्रदूषण का स्तर पिछले 15 दिनों से खराब बना हुआ है। लेकिन धनतेरस यानी 10 नवंबर के बाद से एक्यूआई में जबरदस्त उछाल आया। दिवाली की रात वायु गुणवत्ता 215 पहुंच गई जबकि 13 नवंबर को 243 व 14 नवंबर को 240 तक पहुंच गया।
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दिवाली के दिन गीडा क्षेत्र में काफी कम रहा एक्यूआई
गीडा क्षेत्र में कारखाने से निकलने वाले धुएं के चलते अक्सर वायु गुणवत्ता सूचकांक ढाई सौ के करीब बना रहता है। लेकिन दिवाली के दिन 12 नवंबर को अधिकतर कारखानों के बंद रहने के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक 149 दर्ज किया गया। जबकि दिवाली के एक दिन पहले 241 व बाद में 246 दर्ज किया गया।
तीन स्थानों का यह है वायु गुणवत्ता का स्तर
तारीख...............एमएमएमयूटी...................गीडा..................गोलघर
8 नवंबर ...............149...............................240.......................193
9 नवंबर................140...............................212.......................198
10 नवंबर..............142...............................227.......................204
11 नवंबर..............140...............................241.......................197
12 नवंबर..............114...............................149.......................215
13 नवंबर..............123...............................201.......................243
14 नवंबर..............121...............................246.......................240
कोट...
गोलघर में वाहनों की अत्यधिक आवाजाही, उससे उड़ने उठने वाली धूल प्रदूषण के लिए अत्यधिक जिम्मेदार है। गोलघर में बेतियाहाता से लेकर रेलवे स्टेशन तक छह ट्रैफिक सिग्नल है। उन पर रुकने पर लोग गाड़ी बंद नहीं करते हैं। इस दौरान वाहन से निकलने वाला धुंआ हवा का स्तर खराब कर रहा है।
- प्रो. एके मिश्र, डिप्टी को-ऑर्डिनेटर, वायु गुणवत्ता अनुश्रवण एमएमएमयूटी