Gorakhpur AIIMS: कइयों का यौन उत्पीड़न कर चुका है यह अफसर, जांच में कई मामले आए सामने
बालरोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल की अगुवाई वाली विशाखा कमेटी ने शुक्रवार को आरोपी अफसर के अलावा सुरक्षा गार्डों, ऑफिस के कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं से बयान लिए। आरोपी अफसर ने करीब डेढ़ घंटे तक कमेटी के सवालों के जवाब दिए।
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एमबीबीएस छात्रा द्वारा एम्स के एक प्रशासनिक अफसर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के दौरान विशाखा कमेटी के सामने कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पता चला है कि आरोपी अधिकारी ने इसके पहले कई महिला सुरक्षाकर्मियों का भी यौन उत्पीड़न किया है। पीड़िताओं ने आला अफसरों से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
छात्रा के यौन उत्पीड़न की जांच कर रही बालरोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल की अगुवाई वाली विशाखा कमेटी ने शुक्रवार को आरोपी अफसर के अलावा सुरक्षा गार्डों, ऑफिस के कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं से बयान लिए। आरोपी अफसर ने करीब डेढ़ घंटे तक कमेटी के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान वह खुद को बेगुनाह बताते रहे। उनका कहना था कि उन्हें दो साल यहां काम करते हुआ, लेकिन इसके पहले कोई आरोप नहीं लगा।
प्रेसिडेंट को कार्यकारी निदेशक ने दी जानकारी
शुक्रवार को एम्स की गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देशदीपक वर्मा गोरखपुर पहुंचे। कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने प्रेसिडेंट को अब तक हुए घटनाक्रम और कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने प्रेसिडेंट को बताया कि पीड़ित छात्रा के परिजन कैंपस में मौजूद हैं। उनकी सुरक्षा में गार्ड तैनात हैं। विशाखा कमेटी प्रकरण की जांच कर रही है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी अफसर की पत्नी बोली-दुर्भावना से प्रेरित हैं आरोप
आरोपी अफसर की पत्नी ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह मामला दुर्भावना से प्रेरित है। उनके पति पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं हैं। इस वक्त जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब निराधार हैं। उनके पति ने सारे आरोपों के जवाब दिए हैं और आगे भी हर पूछताछ में पूरा सहयोग देंगे।
प्रशासनिक अधिकारी की मिली जिम्मेदारी
उधर, एम्स के एकाउंट्स ऑफिसर व मीडिया प्रभारी रहे पंकज श्रीवास्तव को प्रशासनिक अधिकारी की भी जिम्मेदारी मिली है। यह जिम्मेदारी फौरी तौर पर दी गई है, ताकि एम्स में प्रशासनिक कार्यों में देरी न हो।