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फैशन टीवी के नाम पर ठगी: पूरे देश में फैलाया था जाल, की करोड़ों रुपयों की ठगी- 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

Sat, 04 Apr 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 04 Apr 2026 02:33 AM IST
सार

पकड़े गए आरोपी पूरे देश में महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाते थे और उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सलून फ्रेंचाइजी का मालिक बनने का वादा करते थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में बुलाया जाता था और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख से एक करोड़ रुपये तक लिए जाते थे। समझौते पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर उन्हें थमा दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में लोगों से रुपये मंगाते थे।

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The accused include the managing director, operations head and finance controller of the fake company.
मुंबई में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एफ बार बाय फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी के तीन आरोपियों को रामगढ़ताल पुलिस ने शुक्रवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा शामिल हैं।
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रामगढ़ताल पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शहर ला रही है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश करेगी। मामले में एक आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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मामले की शिकायत जूही सिंह पत्नी राकेश सिंह, निवासी शिवपुर कॉलोनी, रामगढ़ताल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। जूही सिंह पार्क हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। आरोप है कि वैभव ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया।

आरोप है कि जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने आरोपी वैभव मणि के झांसे में आकर अलग-अलग किस्तों में करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपी और उनके सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह राशि फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई। जांच में पता चला कि कभी फ्रेंचाइजी दिखाई गई और न ही किसी वैध अनुबंध का पालन हुआ। 

बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी अनुबंध या भुगतान से साफ इनकार किया। प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर पाए गए, जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई।

जब जूही ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी की ओर से जानमाल की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले में आरोपी वैभव को फरवरी में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपियों काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा के नाम बताए थे।
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इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। वैभव से पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पहुंची रामगढ़ताल पुलिस की टीम ने बीते एक अप्रैल को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर शहर के लिए रवाना हो गई है।

ऐसे करते थे ठगी
पकड़े गए आरोपी पूरे देश में महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाते थे और उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सलून फ्रेंचाइजी का मालिक बनने का वादा करते थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में बुलाया जाता था और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख से एक करोड़ रुपये तक लिए जाते थे। समझौते पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर उन्हें थमा दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में लोगों से रुपये मंगाते थे।

39 पृष्ठों के समझौते पर कराते थे हस्ताक्षर
जांच में पता चला कि आरोपी, ठगी के शिकार पीड़ितों से 39 पृष्ठों वाला फ्रेंचाइजी का समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराते थे। यह असली कंपनी के बजाय किसी अलग फर्म के स्टांप पेपर पर बनाया जाता था। कंपनी की ओर का पृष्ठ पूरी तरह खाली था, जिसमें कोई नाम, पद या हस्ताक्षर नहीं थे। केवल पीड़ित के जाली हस्ताक्षर दिखाए गए थे। यह पूरी तरह फर्जी पाया गया। पीड़िता जूही सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, गिरोह ने इसे पेश कर उन्हें व्यावसायिक धोखाधड़ी में फंसा दिया।

पूरे देश में दर्ज है एफआईआर
फैशन टीवी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान के खिलाफ लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बडोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर सहित कई प्रदेशों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

लखनऊ में भी दर्ज है जालसाजों पर प्राथमिकी
लखनऊ निवासी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी आरोपी काशिफ खान और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने काशिफ खान को फ्रेंचाइजी के लिए 53 लाख रुपये दिए थे। पैसे लेने के बाद उन्हें फ्रेंचाइजी नहीं दी गई और जान से मारने की धमकी दी गई। जांच में यह भी उजागर हुआ कि काशिफ खान को फैशन टीवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कभी निदेशक नियुक्त नहीं किया गया था।

सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर शहर लेकर आ रही है। पूछताछ के बाद मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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