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स्वगणना : सोच-समझ कर भरें मुखिया का नाम...बदलने का विकल्प नहीं
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- ओबीसी का कॉलम न होने से उलझे लोग, ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान रिसेट हो जा रहा डेटा
- मैपिंग और डाटा सेव न होने की शिकायत ज्यादा
गोरखपुर। मतगणना के दौरान ऑनलाइन स्वगणना करते समय सतर्कता जरूर बरतें और मुखिया का नाम सोच-समझ कर भरें। वरना बदलने का विकल्प नहीं मिलेगा। अगर कोई लंबे समय से घर से बाहर रह रहा है तो परिवार की संख्या में उसका नाम नहीं डालना है। कुछ इस तरह के पॉइंटस हैं जिन पर सावधानी जरूरी है।
स्वगणना करते समय कुछ ऐसे भी कॉलम हैं, जिन्हें भरते समय लोग परेशान हो जा रहे हैं। जाति की श्रेणी में एससी-एसटी और अन्य का ही कॉलम है, जबकि ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए कॉलम नहीं है। इससे भी लोगों की उलझन बढ़ जा रही है।
शनिवार को भोजनावकाश के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के कार्यालय में कुछ रेलकर्मी जुटे थे। उसमें ओबीसी श्रेणी के दीपक चौधरी, अभिषेक कुमार और राज कुमार गुप्ता स्वगणना कर रहे थे। सर्वर धीमा चलने की समस्या के चलते कई बार उनका डेटा ही रिसेट हो गया। इसके बाद जब वे जाति की श्रेणी में पहुंचे तो कॉलम में एससी-एसटी और अन्य था। यहां अटकने के बाद उन्होंने किसी जानने वाले प्रशिक्षित राजस्वकर्मी से बात की फिर अन्य कॉलम भरा। दीपक चौधरी ने बताया कि मोबाइल पर डाटा सेव न नहीं हो रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत मैपिंग में हुई। करीब आधे घंटे के बाद स्वगणना कर पाया।
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स्वगणना में मैपिंग के अलावा कई सवालों में अटके
स्वगणना के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत मैपिंग में हो रही है। अगर सही लैंडमार्क नहीं डालते हैं तो प्रक्रिया आगे ही नहीं बढ़ेगी। तारामंडल स्थित रेल विहार के इंजीनियर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव भाई रंजीत के साथ ऑनलाइन फॉर्म भर रहे थे। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरते समय पोर्टल अचानक ोरेस्पॉन्स देना बंद कर दिया, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ी। कई ऐसे सवाल आए जहां हम अटक गए। उन्होंने बताया कि जैसे घर के फर्श, अन्य सामान वाले कॉलम ने उलझाया। एक-एक काॅलम को भरने के लिए महिलाओं को बुला लिया और सामान की काउंटिंग कराई फिर भरा।
21 मई तक करें स्वगणना
मोबाइल या लैपटाप से जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर लाॅगिन कर जिले का कोई भी व्यक्ति खुद अपने घर व परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर मकानों की गिनती, सुविधाओं का सर्वे और ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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मंडल में तीन दिनों में 14,597 ने की स्वगणना
गोरखपुर मंडल में बीते तीन दिनों में कुल 14,597 लोगों ने स्वगणना किया है। इसमें सबसे ज्यादा महराजगंज में 5063 और सबसे कम कुशीनगर में 1563 है। शनिवार को प्रशाासन ने मीडिया दिवस मनाया और लोगों को प्रेरित करने के लिए मीडियोकर्मियों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए। इसके पहले जनप्रतिनिधियों से फॉर्म भरवाए गए थे।
11 अंकों की मिलेगी आईडी
स्वगणना के दौरान ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद आपको 11 अंकों की एक ''''स्वगणना आईडी'''' मिलेगी। इस आईडी को संभाल कर रखें, जब प्रगणक घर आएंगे तो उन्हें यह आईडी देनी होगी। आईडी के जरिये ही वे सत्यापन करेंगे।
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अब तक मंडल में स्वगणना की स्थिति
महराजगंज- 5063
देवरिया- 4106
गोरखपुर- 3865
कुशीनगर- 1563
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हेल्पलाइन नंबर
8887688305, 8576913026
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- मैपिंग और डाटा सेव न होने की शिकायत ज्यादा
गोरखपुर। मतगणना के दौरान ऑनलाइन स्वगणना करते समय सतर्कता जरूर बरतें और मुखिया का नाम सोच-समझ कर भरें। वरना बदलने का विकल्प नहीं मिलेगा। अगर कोई लंबे समय से घर से बाहर रह रहा है तो परिवार की संख्या में उसका नाम नहीं डालना है। कुछ इस तरह के पॉइंटस हैं जिन पर सावधानी जरूरी है।
स्वगणना करते समय कुछ ऐसे भी कॉलम हैं, जिन्हें भरते समय लोग परेशान हो जा रहे हैं। जाति की श्रेणी में एससी-एसटी और अन्य का ही कॉलम है, जबकि ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए कॉलम नहीं है। इससे भी लोगों की उलझन बढ़ जा रही है।
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शनिवार को भोजनावकाश के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के कार्यालय में कुछ रेलकर्मी जुटे थे। उसमें ओबीसी श्रेणी के दीपक चौधरी, अभिषेक कुमार और राज कुमार गुप्ता स्वगणना कर रहे थे। सर्वर धीमा चलने की समस्या के चलते कई बार उनका डेटा ही रिसेट हो गया। इसके बाद जब वे जाति की श्रेणी में पहुंचे तो कॉलम में एससी-एसटी और अन्य था। यहां अटकने के बाद उन्होंने किसी जानने वाले प्रशिक्षित राजस्वकर्मी से बात की फिर अन्य कॉलम भरा। दीपक चौधरी ने बताया कि मोबाइल पर डाटा सेव न नहीं हो रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत मैपिंग में हुई। करीब आधे घंटे के बाद स्वगणना कर पाया।
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स्वगणना में मैपिंग के अलावा कई सवालों में अटके
स्वगणना के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत मैपिंग में हो रही है। अगर सही लैंडमार्क नहीं डालते हैं तो प्रक्रिया आगे ही नहीं बढ़ेगी। तारामंडल स्थित रेल विहार के इंजीनियर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव भाई रंजीत के साथ ऑनलाइन फॉर्म भर रहे थे। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरते समय पोर्टल अचानक ोरेस्पॉन्स देना बंद कर दिया, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ी। कई ऐसे सवाल आए जहां हम अटक गए। उन्होंने बताया कि जैसे घर के फर्श, अन्य सामान वाले कॉलम ने उलझाया। एक-एक काॅलम को भरने के लिए महिलाओं को बुला लिया और सामान की काउंटिंग कराई फिर भरा।
21 मई तक करें स्वगणना
मोबाइल या लैपटाप से जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर लाॅगिन कर जिले का कोई भी व्यक्ति खुद अपने घर व परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर मकानों की गिनती, सुविधाओं का सर्वे और ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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मंडल में तीन दिनों में 14,597 ने की स्वगणना
गोरखपुर मंडल में बीते तीन दिनों में कुल 14,597 लोगों ने स्वगणना किया है। इसमें सबसे ज्यादा महराजगंज में 5063 और सबसे कम कुशीनगर में 1563 है। शनिवार को प्रशाासन ने मीडिया दिवस मनाया और लोगों को प्रेरित करने के लिए मीडियोकर्मियों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए। इसके पहले जनप्रतिनिधियों से फॉर्म भरवाए गए थे।
11 अंकों की मिलेगी आईडी
स्वगणना के दौरान ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद आपको 11 अंकों की एक ''''स्वगणना आईडी'''' मिलेगी। इस आईडी को संभाल कर रखें, जब प्रगणक घर आएंगे तो उन्हें यह आईडी देनी होगी। आईडी के जरिये ही वे सत्यापन करेंगे।
अब तक मंडल में स्वगणना की स्थिति
महराजगंज- 5063
देवरिया- 4106
गोरखपुर- 3865
कुशीनगर- 1563
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हेल्पलाइन नंबर
8887688305, 8576913026