{"_id":"602157048ebc3e4a8b6d72d5","slug":"tal-sumer-sagar-case-notice-sent-to-10-people-on-the-order-of-supreme-court","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: फिर गरमाया ताल सुमेर सागर का मामला, 10 लोगों को दिया गया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: फिर गरमाया ताल सुमेर सागर का मामला, 10 लोगों को दिया गया नोटिस
Mon, 08 Feb 2021 08:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 08 Feb 2021 08:51 PM IST
विज्ञापन
ताल सुमेर सागर।
- फोटो : अमर उजाला।
लंबे समय बाद एक बार फिर ताल सुमेर सागर का मामला गरमा गया है। जिन लोगों के कब्जे पर अभी तक प्रशासन का बुलडोजर नहीं चल पाया था, ऐसे करीब 10 लोगों को सदर तहसील प्रशासन की तरफ से नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन
उन्हें 16 फरवरी तक स्वयं या अपने प्रतिनिधि के जरिए यह स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि अभी तक उन्हें ताल की जमीन से कब्जा क्यों नहीं हटाया। तहसील प्रशासन का कहना है कि यदि किसी ने तय समय के भीतर जवाब नहीं दिया तो तहसील प्रशासन 19 फरवरी को एक पक्षीय आदेश जारी कर देगा। इसकी रिपोर्ट, 22 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में प्रस्तुत की जाएगी।
विज्ञापन
तहसील प्रशासन के मुताबिक, ताल सुमेर सागर से करीब 90 फीसदी कब्जा खाली कराने के साथ ही उसे ताल का स्वरूप भी दिया जा चुका है। मगर गीता देवी, निशा पांडेय, नीता जायसवाल, पुरजाना बानो, हसीना बानो, साधना श्रीवास्तव, सुनील कुमार श्रीवास्तव, दीपांकर पांडेय, आशीष कुमार सक्सेना व निशा सक्सेना ने अपना हब्जा नहीं हटाया है।
विज्ञापन
Trending Videos
इस मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी लेकिन वहां से याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं मिली। इसके बाद कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट गए। एक फरवरी को मामले में सुनवाई हुई थी। इसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल भी गए थे। उन्होंने अपना पक्ष रखा। अगली सुनवाई 22 फरवरी को होनी है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर ने कहा कि गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि ताल सुमेर सागर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी को नोटिस देकर उनका पक्ष जानने और 19 फरवरी तक कार्रवाई करके 22 फरवरी की सुनवाई में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसी क्रम में 10 लोगों को नोटिस भेजा गया है। सभी से पूछा गया है कि उन्होंने अभी तक अपना कब्जा क्यों नहीं हटाया। यदि तय समय के भीतर उन्होंने खुद कब्जा नहीं हटवाया तो प्रशासन उसे हटाएगा और उसका खर्च भी उनसे वहन करेगा। 16 फरवरी तक वे अपनी बात रख सकते हैं। ऐसा न करने पर 19 को एक पक्षीय आदेश कर दिया जाएगा क्योंकि कार्रवाई कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करना है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर ने कहा कि गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि ताल सुमेर सागर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी को नोटिस देकर उनका पक्ष जानने और 19 फरवरी तक कार्रवाई करके 22 फरवरी की सुनवाई में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसी क्रम में 10 लोगों को नोटिस भेजा गया है। सभी से पूछा गया है कि उन्होंने अभी तक अपना कब्जा क्यों नहीं हटाया। यदि तय समय के भीतर उन्होंने खुद कब्जा नहीं हटवाया तो प्रशासन उसे हटाएगा और उसका खर्च भी उनसे वहन करेगा। 16 फरवरी तक वे अपनी बात रख सकते हैं। ऐसा न करने पर 19 को एक पक्षीय आदेश कर दिया जाएगा क्योंकि कार्रवाई कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करना है।