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कोरोना अलर्ट: सार्वजनिक स्थलों पर खांसते-छींकते समय बरतें विशेष सावधानी, हाइजिन का रखना होगा ध्यान
Mon, 24 Jan 2022 01:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 24 Jan 2022 01:24 PM IST
सार
कोरोना से बचाव के लिए रेस्पिरेटरी हाइजिन का ध्यान रखना बेहद जरूरी, मास्क सही तरीके से नहीं लगा है तो टिश्यू पेपर या कुहनियों का लें सहारा।
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सर्दी जुकाम।
- फोटो : Istock
विस्तार
कोरोना संक्रमण को रोकने में श्वासन संबंधित स्वच्छता प्रोटोकॉल (रेस्पिरेटरी हाइजिन) की अहम भूमिका है। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर ही नहीं, अगर घर-परिवार में खांस या छींक रहे हैं, तो सतर्कता बरतनी है। इस दौरान अगर मास्क चेहरे से उतरा है, तो टिश्यू पेपर या कुहनियों का सहारा लेकर नाक और मुंह को ढक लें।
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बताया कि जब हम खांसते या छींकते हैं तो छोटे-छोटे ड्रॉपलेट्स का वातावरण में प्रसार होता है। इन्हीं के जरिये वायरस भी आते हैं। ऐसे में वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण की आशंका प्रबल हो जाती है। जब सभी लोग सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगा कर रहते हैं, तो किसी के खांसने या छींकने से सामने वाला व्यक्ति संक्रमित नहीं होता है।
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अगर बिना मास्क के कोई छींक या खांस रहा है, तो अन्य लोग संक्रमित हो सकते हैं। बताया कि अमूमन घर में आदमी मास्क नहीं पहनता है। ऐसे में अगर वह बिना नाक या मुंह ढके खांसता अथवा छींकता है तो वह ड्रॉपलेट्स के जरिये परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमण दे सकता है। श्वासन संबंधित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने से न केवल कोरोना के संक्रमण के प्रसार का खतरा रहता है, बल्कि टीबी और अन्य वायरस या बैक्टीरिया जनित बीमारियों के प्रसार का भी खतरा रहता है।
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सिरदर्द, नाक बहना, थकान, बार-बार छींक आना, गले में खराश, लगातार खांसी, कर्कश आवाज, ठंड लगना या कंपकंपी, बुखार, चक्कर आना, ब्रेन फॉग, सुगंध बदल जाना, आंखों में दर्द, मांसपेशियों में तेज दर्द, भूख न लगना, सुगंध महसूस न होना, छाती में दर्द, ग्रंथियों में सूजन, कमजोरी, स्किन रैशेज ओमिक्रॉन के लक्षण है।