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अब पशुओं को सड़क पर छोड़ना पड़ेगा भारी, टैग बताएगा उसके मालिक की पहचान

Wed, 14 Oct 2020 09:01 AM IST
vivek shukla रत्नेश कुमार यादव, सलेमपुर (देवरिया)।
रत्नेश कुमार यादव, सलेमपुर (देवरिया)। Published by: vivek shukla Updated Wed, 14 Oct 2020 09:01 AM IST
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tag in animals ear will reveal owners identity
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

पशुओं के कान में पड़े टैग (छल्ला) से अब उसके मालिक का पता आसानी से चल जाएगा। सरकार की ओर से आधार की तरह सभी पशुओं को भी 12 डिजिट की विशिष्ट पहचान संख्या दी जा रही है। इससे पशु चोरी या गुम होने पर तो उसका तुरंत पता चल जाएगा। साथ ही अगर किसी ने पशु को सड़क पर छोड़ रखा है तो इससे उसका पता लगाया जा सकेगा। इस विशिष्ट पहचान संख्या के जरिए ही पशुओं का टीकाकरण व अन्य सुविधाएं पशुपालकों को दी जा सकेंगी।

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देवरिया जनपद में कुल चार लाख साठ हजार पशु हैं। जिसमें एक लाख 85 हजार पशुओं को टैग लगाया जा चुका है। शुरुआत में केवल उन्हीं पशुओं को यह टैग लगाया गया, जिनका कृत्रिम गर्भाधान किया गया। टैग नंबर उपलब्ध होने के बाद अब जिन पशुओं का टीकाकरण हो रहा है, अब उन्हें भी यह टैग लगाया जाने लगा है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विकास साठे ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर यह कार्यक्रम पूरे जिले में तेजी से चलाया जा रहा है। इससे पशु संवर्धन नस्ल सुधार सहित प्रत्येक पशु के स्वास्थ्य की जानकारी एक ही क्लिक में ली जा सकेगी। इसके लिए आइएनएएच पोर्टल बनाया गया है।
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पोर्टल पर सारी जानकारी होगी अपलोड

उन्होंने बताया कि इसमें पशुओं को टैग लगाने के बाद उसके मालिक का नाम, जानवर का प्रकार, कब-कब उसे टीके लगाए गए हैं, उसका कृत्रिम गर्भाधान हुआ है कि नहीं सहित अन्य जानकारी पोर्टल में लोड की जाती है। पोर्टल में यूआइएन नंबर लोड करते ही देश के किसी भी कोने से पशु के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे जो लोग पशु की खरीदारी करते हैं उसे भी पशु के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

उन्होंने बताया कि पशुओं के कान से यदि को टैग नंबर को निकाल देता है या तोड़ देता है तो उसे फिर से नहीं लगाया जा सकता। उसकी जगह दूसरा टैग नंबर जारी किया जाएगा। प्रथम चरण में केवल गाय और भैंस का ही टैग नंबर जारी किया जा रहा है।

अब बैल व सांड़ का भी टैग नंबर जारी करना शुरू कर दिया गया है। इसके लिए पशुपालकों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार की तरफ से प्रति पशु टीकाकरण के लिए 3.50 रुपये एवं टैगिंग के लिए 2.50 रुपये मानदेय के रूप में दिया जाता है।

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