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नीट रिजल्ट 2021: कमाल के हैं गोरखपुर के श्रेष्ठ, पहले प्रयास में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
Wed, 03 Nov 2021 01:31 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:31 PM IST
सार
श्रेष्ठ जायसवाल ने नेशनल एंट्रेंस एंग्जाम कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) में भी 215वीं रैंक हासिल करके गोरखपुर शहर का मान बढ़ाया है।
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माता-पिता व शिक्षकों के साथ श्रेष्ठ जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
आईआईटी दिल्ली के बीटेक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरु के बीएससी रिसर्च पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले श्रेष्ठ जायसवाल ने नेशनल एंट्रेंस एंग्जाम कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) में भी 215वीं रैंक हासिल करके गोरखपुर शहर का मान बढ़ाया है। श्रेष्ठ ने 720 में से 697 अंक हासिल किए हैं। श्रेष्ठ ने पहले ही प्रयास में देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगी परीक्षाएं पास की हैं। इससे पूरा परिवार गदगद है। धनतेरस व दिवाली की खुशी दोगुनी हो गई है।
शहर के श्रेष्ठ जायसवाल ने बारहवीं की पढ़ाई आरपीएम एकेडमी से इसी वर्ष पूरी की है। बारहवीं में मैथ्स और बायोलॉजी लिया था। लिहाजा, इंजीनियरिंग, साइंस और मेडिकल में जाने का विकल्प खुला था। इसी का नतीजा रहा कि श्रेष्ठ ने पहले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन में 99.1 परसेंटाइल हासिल किया है, फिर आईआईटी से बीटेक की पढ़ाई के लिए जेईई एडवांस का पेपर दिया। जेईई एडवांस में श्रेष्ठ की आल इंडिया रैंक 1324वीं रही है। इसी रैंक के आधार पर आईआईटी दिल्ली के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में दाखिला मिला है। किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाई) में आल इंडिया की 78वीं रैंक हासिल की है। इसी रैंक के आधार पर आईआईएससी में दाखिला मिला है। आईआईएससी की पूरी पढ़ाई स्कालरशिप से पूरी होनी है। अब नीट में बेहतरीन रैंक मिली है। इससे श्रेष्ठ उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अभी नीट की काउंसिलिंग का इंतजार करना है, फिर फैसला लिया जाएगा।
टॉप- 50 में थी सेलेक्शन की उम्मीद
श्रेष्ठ का कहना है कि तैयारी अच्छी थी। पेपर भी अच्छा हुआ था। टॉप-50 के अंदर रैंक मिलनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेडिकल में दाखिले पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। एम्स नई दिल्ली में दाखिला मिला तो कुछ सोचा जाएगा। अभी ढेरों विकल्प खुले हैं। बहरहाल, बेटे की सफलता से पिता व न्यूरो सर्जन डॉ संजय कुमार जायसवाल, माता व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ उपमा जायसवाल व छोटी बहन वरुणवी जायसवाल गदगद हैं।
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वैज्ञानिक बन शोध करना चाहते हैं श्रेष्ठ
श्रेष्ठ जायसवाल अच्छा वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि मानव कल्याण के लिए शोध करना अच्छा लगता है। इस शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिले तो और अच्छा रहेगा। नोबेल पुरस्कार हासिल करने के इरादे से ही शोध करना है। जल्द ही आईआईएससी की कक्षाएं चलेंगी। कुछ दिन कक्षाएं करेंगे।
आल टाइम टॉपर हैं श्रेष्ठ
श्रेष्ठ जायसवाल आल टाइम टॉपर हैं। दसवीं में 97.6 फीसदी और बारहवीं में 99.6 फीसदी मार्क्स मिले थे। बायोलॉजी ओलंपियाड के यूपी टॉपर भी हैं। केमिस्ट्री ओलंपियाड क्वालीफाई किया है। केवीवाईपी में आल इंडिया की अच्छी रैंक मिली है। श्रेष्ठ का कहना है कि स्कूल के साथ ही अरिहंत कॅरियर इंस्टीट्यूट का मार्गदर्शन भी काम आया है।
सफलता का मंत्र
जो भी क्षेत्र चुनें, उससे लगाव होना चाहिए। सब कुछ आसान हो जाएगा। कड़ी मेहनत करने लगेंगे। लगन के साथ लक्ष्य हासिल करने में जुट जाएंगे। निश्चित सफलता मिलेगी।
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शहर के श्रेष्ठ जायसवाल ने बारहवीं की पढ़ाई आरपीएम एकेडमी से इसी वर्ष पूरी की है। बारहवीं में मैथ्स और बायोलॉजी लिया था। लिहाजा, इंजीनियरिंग, साइंस और मेडिकल में जाने का विकल्प खुला था। इसी का नतीजा रहा कि श्रेष्ठ ने पहले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन में 99.1 परसेंटाइल हासिल किया है, फिर आईआईटी से बीटेक की पढ़ाई के लिए जेईई एडवांस का पेपर दिया। जेईई एडवांस में श्रेष्ठ की आल इंडिया रैंक 1324वीं रही है। इसी रैंक के आधार पर आईआईटी दिल्ली के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में दाखिला मिला है। किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाई) में आल इंडिया की 78वीं रैंक हासिल की है। इसी रैंक के आधार पर आईआईएससी में दाखिला मिला है। आईआईएससी की पूरी पढ़ाई स्कालरशिप से पूरी होनी है। अब नीट में बेहतरीन रैंक मिली है। इससे श्रेष्ठ उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अभी नीट की काउंसिलिंग का इंतजार करना है, फिर फैसला लिया जाएगा।
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टॉप- 50 में थी सेलेक्शन की उम्मीद
श्रेष्ठ का कहना है कि तैयारी अच्छी थी। पेपर भी अच्छा हुआ था। टॉप-50 के अंदर रैंक मिलनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेडिकल में दाखिले पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। एम्स नई दिल्ली में दाखिला मिला तो कुछ सोचा जाएगा। अभी ढेरों विकल्प खुले हैं। बहरहाल, बेटे की सफलता से पिता व न्यूरो सर्जन डॉ संजय कुमार जायसवाल, माता व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ उपमा जायसवाल व छोटी बहन वरुणवी जायसवाल गदगद हैं।
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वैज्ञानिक बन शोध करना चाहते हैं श्रेष्ठ
श्रेष्ठ जायसवाल अच्छा वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि मानव कल्याण के लिए शोध करना अच्छा लगता है। इस शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिले तो और अच्छा रहेगा। नोबेल पुरस्कार हासिल करने के इरादे से ही शोध करना है। जल्द ही आईआईएससी की कक्षाएं चलेंगी। कुछ दिन कक्षाएं करेंगे।
आल टाइम टॉपर हैं श्रेष्ठ
श्रेष्ठ जायसवाल आल टाइम टॉपर हैं। दसवीं में 97.6 फीसदी और बारहवीं में 99.6 फीसदी मार्क्स मिले थे। बायोलॉजी ओलंपियाड के यूपी टॉपर भी हैं। केमिस्ट्री ओलंपियाड क्वालीफाई किया है। केवीवाईपी में आल इंडिया की अच्छी रैंक मिली है। श्रेष्ठ का कहना है कि स्कूल के साथ ही अरिहंत कॅरियर इंस्टीट्यूट का मार्गदर्शन भी काम आया है।
सफलता का मंत्र
जो भी क्षेत्र चुनें, उससे लगाव होना चाहिए। सब कुछ आसान हो जाएगा। कड़ी मेहनत करने लगेंगे। लगन के साथ लक्ष्य हासिल करने में जुट जाएंगे। निश्चित सफलता मिलेगी।