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Subrata Roy Passes Away: निवेशकों की धड़कनें बढ़ीं, सताने लगा रुपये डूबने का डर

Thu, 16 Nov 2023 01:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 16 Nov 2023 01:30 PM IST
सार

। सेबी के दखल के बाद कल तक रुपये मिलने की उम्मीद पाले निवेशकों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। बुधवार को कई लोगों ने सहारा के ऑफिस में संपर्क भी किया, सभी को भरोसा दिया गया है कि उनका पैसा जरूर मिलेगा। इसे लेकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी लोग कर चुके हैं।

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Subrata Roy Passes Away after Investors fear of losing money started troubling them
सहारा प्रमुख सुब्रत राय। (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत रॉय के निधन के बाद अब निवेशकों को अपनी जमापूंजी डूबने का डर सताने लगा है। सेबी के दखल के बाद कल तक रुपये मिलने की उम्मीद पाले निवेशकों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। बुधवार को कई लोगों ने सहारा के ऑफिस में संपर्क भी किया, सभी को भरोसा दिया गया है कि उनका पैसा जरूर मिलेगा। इसे लेकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी लोग कर चुके हैं।

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कंपनी क्या निर्णय लेगी, इसका तो डर है ही
मेरे 38 लाख रुपये फंसे हुए हैं। कंपनी की ओर से रुपये की वापसी की प्रक्रिया भी कराई जा चुकी है। लेकिन, इसी बीच सुब्रत रॉय के निधन से एक बार फिर रुपये डूबने का डर सताने लगा है। अब कंपनी में नया डायरेक्टर कौन होगा, उसका क्या फैसला होगा, जैसे तमाम सवाल मन में उठने लगे हैं।-प्रवीण गुप्ता, गुलरिहा।
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जमा धनराशि अब भगवान भरोसे

सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा के निधन की सूचना के बाद अब यही लग रहा है कि निवेश की रकम अब भगवान भरोसे ही है। अब यह आने वाले समय में ही तय हो पाएगा कि रकम मिलेगी या नहीं। अब इस कंपनी का मालिक कौन होगा और जनता की गाढ़ी कमाई के भुगतान के लिए सरकार क्या फैसला लेती है।-अनंत कुमार पटवा, धुरियापार।
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अब तो उम्मीद भी टूट रही
चार लाख रुपये कई साल से फंसे हैं। जब ऑनलाइन आवेदन मांगा गया तो लगा कि अब रुपये मिल जाएंगे। सुब्रत रॉय के निधन के बाद अब चिंता बढ़ गई है। अब पता नहीं क्या होगा, बहुत डर लग रहा है। अब तो यही लग रहा है कि रुपये मिल गए तो किस्मत, नहीं तो जमापूंजी चली ही गई समझिए।-रीता तिवारी, लुहसी।

एक उम्मीद जगी थी, जो अब टूटती लग रही

छोटी-छोटी रकम जमा करके उसे बड़ा करने का सपना लेकर सहारा इंडिया में रुपये जमा किए थे। लंबे समय से रुपये फंसे थे, लेकिन इसी बीच ऑनलाइन फॉर्म भरा गया तो एक उम्मीद जग गई थी कि रुपये मिल जाएंगे, सुब्रत रॉय के निधन की खबर से डर सताने लगा है कि पता नहीं रुपये मिलेंगे या नहीं। अब तो उम्मीद ही टूटने लगी है। - मीरा देवी, डोहरिया बाजार।
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