गोरखपुर: जाम लगाने वाले राज नर्सिंग कॉलेज के छात्रों पर मुकदमा, एसएसपी ने की कार्रवाई
कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए गणेश चौराहे पर किए थे रास्ता जाम, एसएसपी ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का दिया निर्देश।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के गणेश चौराहा पर शुक्रवार को रास्ता जामकर प्रदर्शन करने वाले राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों पर केस दर्ज कर लिया गया है। कैंट पुलिस छात्रों पर निषेधाज्ञा उल्लंघन व महामारी एक्ट की धारा में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
छात्रों का आरोप है कि बिना मान्यता के दाखिला लेने के मामले में पुलिस-प्रशासन ने अबतक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसी को लेकर वह धरने पर बैठे थे। उधर, कोतवाली थाने में दर्ज केस की प्रगति जानने के लिए एसएसपी ने कोतवाल को बुलाया था। एसएसपी ने पूरे प्रकरण में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कैंट थाने में तैनात दरोगा खुर्शीद अहमद ने तहरीर देकर बताया कि राज नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार की शाम गणेश चौराहा पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसकी वजह से आवागमन बाधित हो गया। जिले में निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी देने के बाद भी वे नहीं माने। छात्र-छात्राओं ने कोविड प्रोटोकाल का भी पालन नहीं किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आरोपियों पर कार्रवाई करने का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया। इसी तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
राज नर्सिंग कॉलेज के संचालक के घर दबिश
राज स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक अभिषेक यादव के घर शनिवार देर रात कोतवाली पुलिस पहुंची। अभिषेक घर से फरार था। आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में शासन के संयुक्त सचिव अनिल सिंह की तहरीर पर जालसाजी का केस दर्ज है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेज तैयार करके कॉलेज की मान्यता बहाल दिखाई गई है।
जानकारी के मुताबिक, शासन के संयुक्त सचिव अनिल सिंह ने दस जनवरी को केस दर्ज कराया था। आरोप है कि 11 नवंबर 2021 को राज स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज की मान्यता बहाल किए जाने का शासनादेश सार्वजनिक किया गया था। इसी आधार पर विद्यार्थियों का प्रवेश भी लिया गया।
मामला सामने आने पर शासन स्तर से जांच कराई गई थी। जांच में शासनादेश फर्जी पाया गया। इसी मामले में केस कराया गया था। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज छात्रों ने शुक्रवार को धरना दिया था। इसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी डॉ विपिन ताड़ा ने कोतवाली पुलिस से प्रगति जानी थी और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। एसएसपी के आदेश के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस रात में संचालक के घर पहुंची थी।
कोतवाली इंस्पेक्टर कल्याण सिंह सागर ने कहा कि जालसाजी के आरोपित के घर पर दबिश दी गई है। आरोपी घर पर नहीं मिला। उसकी तलाश में टीमें लगी हैं।