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Gorakhpur News: द्वापर युग से चंद्रयान 3 तक पर छात्रों ने दी काव्यात्मक अभिव्यक्ति
Wed, 22 Nov 2023 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में मंगलवार को लिटरेरी क्लब के तत्वावधान में स्वरचित कविता लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें एमए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अजय शुक्ल ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से कविता की रचना करनी थी। सुधांशु राय ने द्वापर युग के योद्धा सात्यकि के जीवन व वीरता के बारे में, जाह्नवी सिंह ने इजरायल-फिलिस्तीनी वार का मासूमों पर होने वाले प्रभाव पर, चंद्र प्रकाश ने चंद्रयान 3 का विजयोल्लास, दीप मिश्रा ने सोशल मीडिया का हस्त लिखित पत्रों पर प्रभाव, प्रकृति पटेल ने संगीत की महत्ता, आस्था मिश्रा ने मध्यम वर्गीय समाज, श्वेता उपाध्याय ने एंजेल, सुष्मिता ने निराशा एवं आशा, श्वेता मौर्य ने परिवार, सना ने दूरी, आकांक्षा यादव ने जीवन होना ही नहीं चाहिए सहित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की तथा सस्वर वाचन भी किया।
उन्होंने बताया कि छात्रों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। इससे उनको साहित्यिक ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मक शक्ति, लेखन कला तथा अंग्रेजी साहित्य को देखने का अलग नजरिया भी मिलेगा। कार्यक्रम में विभाग के डॉ. आमोद राय, डॉ. संजीव विश्वकर्मा और डॉ. साइका तंजील उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में मंगलवार को लिटरेरी क्लब के तत्वावधान में स्वरचित कविता लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें एमए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अजय शुक्ल ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से कविता की रचना करनी थी। सुधांशु राय ने द्वापर युग के योद्धा सात्यकि के जीवन व वीरता के बारे में, जाह्नवी सिंह ने इजरायल-फिलिस्तीनी वार का मासूमों पर होने वाले प्रभाव पर, चंद्र प्रकाश ने चंद्रयान 3 का विजयोल्लास, दीप मिश्रा ने सोशल मीडिया का हस्त लिखित पत्रों पर प्रभाव, प्रकृति पटेल ने संगीत की महत्ता, आस्था मिश्रा ने मध्यम वर्गीय समाज, श्वेता उपाध्याय ने एंजेल, सुष्मिता ने निराशा एवं आशा, श्वेता मौर्य ने परिवार, सना ने दूरी, आकांक्षा यादव ने जीवन होना ही नहीं चाहिए सहित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की तथा सस्वर वाचन भी किया।
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उन्होंने बताया कि छात्रों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। इससे उनको साहित्यिक ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मक शक्ति, लेखन कला तथा अंग्रेजी साहित्य को देखने का अलग नजरिया भी मिलेगा। कार्यक्रम में विभाग के डॉ. आमोद राय, डॉ. संजीव विश्वकर्मा और डॉ. साइका तंजील उपस्थित रहे।
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