{"_id":"5fe5c5d88ebc3e3d9221a0fa","slug":"student-of-government-school-will-reading-from-cartoon-characters-by-cms-software","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Exclusive: अब पढ़ाई के साथ बच्चों को दिखाया जाएगा कार्टून, बहुत खास है इसकी वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Exclusive: अब पढ़ाई के साथ बच्चों को दिखाया जाएगा कार्टून, बहुत खास है इसकी वजह
Fri, 25 Dec 2020 04:28 PM IST
vivek shukla
विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Dec 2020 04:28 PM IST
विज्ञापन
कार्टून किरदारों के जरिए पढ़ाई करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को कार्टून किरदारों के जरिए शिक्षा प्रदान की जाएगी। पढ़ाई रोचक बने और विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा विषयों को सीख सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहल की है। राजू, पप्पू और सलमा सरीखे कार्टूनों से हिंदी, अंग्रेजी और गणित के पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे।
पहले चरण में स्मार्ट क्लास से लैस 40 परिषदीय विद्यालयों में शिव नादर फाउंडेशन की ओर विशेष सॉफ्टवेयर अपलोड किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों को ही एनिमेटेड किरदारों की मदद से पढ़ाएंगे। प्रयोग सफल हुआ तो इसे आगे की कक्षाओं में भी लागू करेंगे।
फाउंडेशन के जिला समन्वयक मिरान शेरान ने बताया कि बच्चों के दिमाग में चलचित्र अमिट छाप छोड़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया है। ऑफलाइन मोड में मौजूद ये सॉफ्टवेयर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। इसे चलाने के लिए मोबाइल फोन के नेटवर्क पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। जब आवश्यकता हो इसे तुरंत चलाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले चरण में स्मार्ट क्लास से लैस 40 परिषदीय विद्यालयों में शिव नादर फाउंडेशन की ओर विशेष सॉफ्टवेयर अपलोड किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों को ही एनिमेटेड किरदारों की मदद से पढ़ाएंगे। प्रयोग सफल हुआ तो इसे आगे की कक्षाओं में भी लागू करेंगे।
विज्ञापन
फाउंडेशन के जिला समन्वयक मिरान शेरान ने बताया कि बच्चों के दिमाग में चलचित्र अमिट छाप छोड़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया है। ऑफलाइन मोड में मौजूद ये सॉफ्टवेयर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। इसे चलाने के लिए मोबाइल फोन के नेटवर्क पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। जब आवश्यकता हो इसे तुरंत चलाया जा सकेगा।
विज्ञापन
17 जीबी का है सॉफ्टवेयर
फाउंडेशन की ओर से तैयार किया गया सॉफ्टवेयर 17 जीबी का है। इसके अंतर्गत बच्चों के गिनतारा और कलरव के पूरे पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है। बाकायदा बीएसए दफ्तर में दो दिनों से स्मार्ट क्लास से लैस परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को लैपटॉप या कंप्यूटर के साथ बुलाकर सॉफ्टवेयर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
छह कार्टून किरदार लेंगे क्लास
कक्षा एक और दो के बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर में छह कार्टून किरदारों की मदद ली गई है। इनमें राजू, पप्पू, राम, शोभा, सलमा और तोता शामिल हैं। ये कार्टून किरदार बच्चों को खेल-खेल में पाठ्यक्रम की भी जानकारी देते नजर आएंगे।
इन अध्यायों को किया गया शामिल
तालाब गणित, हुआ सवेरा, लिखने की तैयारी, वर्णमाला गीत, पतंग, रसोई, दुलारी की गागर, सैर सपाटा, गिनो बताओ, स्टेशन, उड़े गुब्बारे, जया, जगत और जुगनू, गणित का बगीचा, भैंस चली गाय से मिलने, इकाई, दहाई, लता का घर, जाड़ा गर्मी और बरसात, बिल्ली का हार, पप्पू जी के रसगुल्ले, मुद्रा, हमारी संख्या, छोटी बड़ी संख्या, बिंदिया की दुकान, कौन कितनी बार, आकार प्रकार, आओ बच्चों रेखाएं खीचें, लेने देन व अन्य अध्याय।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि शिव नादर फाउंडेशन की ओर से स्मार्ट क्लास से लैस 40 परिषदीय विद्यालयों में सीएमएस नाम का विशेष सॉफ्टवेयर अपलोड किया जा रहा है। कार्टून किरदारों की मदद से बच्चों को पाठ्यक्रम आसानी से याद कराया जा सकेगा।
छह कार्टून किरदार लेंगे क्लास
कक्षा एक और दो के बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर में छह कार्टून किरदारों की मदद ली गई है। इनमें राजू, पप्पू, राम, शोभा, सलमा और तोता शामिल हैं। ये कार्टून किरदार बच्चों को खेल-खेल में पाठ्यक्रम की भी जानकारी देते नजर आएंगे।
इन अध्यायों को किया गया शामिल
तालाब गणित, हुआ सवेरा, लिखने की तैयारी, वर्णमाला गीत, पतंग, रसोई, दुलारी की गागर, सैर सपाटा, गिनो बताओ, स्टेशन, उड़े गुब्बारे, जया, जगत और जुगनू, गणित का बगीचा, भैंस चली गाय से मिलने, इकाई, दहाई, लता का घर, जाड़ा गर्मी और बरसात, बिल्ली का हार, पप्पू जी के रसगुल्ले, मुद्रा, हमारी संख्या, छोटी बड़ी संख्या, बिंदिया की दुकान, कौन कितनी बार, आकार प्रकार, आओ बच्चों रेखाएं खीचें, लेने देन व अन्य अध्याय।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि शिव नादर फाउंडेशन की ओर से स्मार्ट क्लास से लैस 40 परिषदीय विद्यालयों में सीएमएस नाम का विशेष सॉफ्टवेयर अपलोड किया जा रहा है। कार्टून किरदारों की मदद से बच्चों को पाठ्यक्रम आसानी से याद कराया जा सकेगा।