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Gorakhpur News: 10वीं मंजिल से गिरी छात्रा,मौत...डायरी में शिक्षिका पर परेशान करने की बात
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साहिबाबाद। गुलमोहर ग्रीन सोसायटी की 10वीं मंजिल से गिरकर 7वीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद उसकी डायरी में स्कूल की गणित की शिक्षिका के परेशान करने की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार ने शिक्षिका से परेशान होकर किशोरी के आत्महत्या करने का आरोप लगाया है।
एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि बच्ची की पहचान रितिसा (13) के रूप हुई है। बच्ची के पिता अमर मौर्या मूल रूप से गोरखपुर के एयरफोर्स कॉलोनी के रहने वाले हैं। वह पत्नी दीपा, बड़ी में लायसा और रितिसा के साथ सोसायटी के 10वीं मंजिल के फ्लैट पर रहते हैं। उनका प्रिंटिंग का कारोबार है। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच रितिसा के गिरने की सूचना मिली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।
टीचर ने डांटते हुए कान में कहा, तुम कुछ नहीं कर सकती : बड़ी बहन लायसा ने बताया कि गणित की शिक्षिका ने रितिसा को कई बार परेशान किया। कुछ दिन पहले उसे कक्षा से बाहर ले जाकर उसके कान में कहा था कि तुम कुछ नहीं कर सकती हो। पढ़ने में बिल्कुल अच्छी नहीं हो। जो उसने बहन को बताया था। इसके बाद परिजनों ने बच्ची की निजी डायरी देखी। बच्ची अक्सर डायरी में लिखती रहती थी, लेकिन किसी को पढ़ने नहीं देती थी।
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घटना के बाद अभिभावकों ने डायरी को देखा तो जुलाई से अब तक कई पेज पर बच्ची ने टीचर के टॉर्चर की बातें लिखी थीं। बच्ची ने एक बार घर में टीचर के बारे में बताया भी था। तब जुलाई से स्कूल की पैरेंट टीचर मीटिंग में परिजन ने स्कूल प्रबंधन से टीचर की शिकायत की थी। डायरी में एक स्थान पर बच्ची ने टीचर का नाम भी लिखा, अन्य स्थानों पर गणित टीचर के नाम से संबोधित किया गया था।
पेपर में कम नंबर आने के लिए भी छात्रा ने टीचर को ही दोषी ठहराया था। घटना के बाद घर पहुंची रितिसा की बेस्ट फ्रेंड ने बताया कि हाल में स्कूल में आंतरिक परीक्षा हुई थी, जिनकी कॉपी शुक्रवार को सभी बच्चों को दी गई थीं। इसमें रितिसा के 30 नंबर आए थे, जिन्हें देखकर उसने सहेली से कहा था कि सोमवार को स्कूल आने पर टीचर उसकी हालत खराब कर देंगी।
परिजन के मुताबिक, स्कूल की शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी होती। सामान्य तौर पर बच्ची जब स्कूल की छुट्टी होती थी तो लगभग 11 बजे सोकर उठती थी, लेकिन कई बार से वह सुबह आठ से नौ बजे के बीच उठ रही थी। इसके अलावा उसे बटर-ब्रेड पसंद नहीं थे, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को उसने बटर-ब्रेड खाने के लिए मांगे थे।
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एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि बच्ची की पहचान रितिसा (13) के रूप हुई है। बच्ची के पिता अमर मौर्या मूल रूप से गोरखपुर के एयरफोर्स कॉलोनी के रहने वाले हैं। वह पत्नी दीपा, बड़ी में लायसा और रितिसा के साथ सोसायटी के 10वीं मंजिल के फ्लैट पर रहते हैं। उनका प्रिंटिंग का कारोबार है। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच रितिसा के गिरने की सूचना मिली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।
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टीचर ने डांटते हुए कान में कहा, तुम कुछ नहीं कर सकती : बड़ी बहन लायसा ने बताया कि गणित की शिक्षिका ने रितिसा को कई बार परेशान किया। कुछ दिन पहले उसे कक्षा से बाहर ले जाकर उसके कान में कहा था कि तुम कुछ नहीं कर सकती हो। पढ़ने में बिल्कुल अच्छी नहीं हो। जो उसने बहन को बताया था। इसके बाद परिजनों ने बच्ची की निजी डायरी देखी। बच्ची अक्सर डायरी में लिखती रहती थी, लेकिन किसी को पढ़ने नहीं देती थी।
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घटना के बाद अभिभावकों ने डायरी को देखा तो जुलाई से अब तक कई पेज पर बच्ची ने टीचर के टॉर्चर की बातें लिखी थीं। बच्ची ने एक बार घर में टीचर के बारे में बताया भी था। तब जुलाई से स्कूल की पैरेंट टीचर मीटिंग में परिजन ने स्कूल प्रबंधन से टीचर की शिकायत की थी। डायरी में एक स्थान पर बच्ची ने टीचर का नाम भी लिखा, अन्य स्थानों पर गणित टीचर के नाम से संबोधित किया गया था।
पेपर में कम नंबर आने के लिए भी छात्रा ने टीचर को ही दोषी ठहराया था। घटना के बाद घर पहुंची रितिसा की बेस्ट फ्रेंड ने बताया कि हाल में स्कूल में आंतरिक परीक्षा हुई थी, जिनकी कॉपी शुक्रवार को सभी बच्चों को दी गई थीं। इसमें रितिसा के 30 नंबर आए थे, जिन्हें देखकर उसने सहेली से कहा था कि सोमवार को स्कूल आने पर टीचर उसकी हालत खराब कर देंगी।
परिजन के मुताबिक, स्कूल की शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी होती। सामान्य तौर पर बच्ची जब स्कूल की छुट्टी होती थी तो लगभग 11 बजे सोकर उठती थी, लेकिन कई बार से वह सुबह आठ से नौ बजे के बीच उठ रही थी। इसके अलावा उसे बटर-ब्रेड पसंद नहीं थे, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को उसने बटर-ब्रेड खाने के लिए मांगे थे।