फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   story of farmer making the district a hub of mushrooms at deoria

ठेकेदारी छोड़ किसानी में रमे यह शख्स, अब जिले को मशरूम का हब बनाने का लिया संकल्प

Fri, 12 Jun 2020 01:08 PM IST
vivek shukla बैकुंठ नाथ शुक्ल, देवरिया।
बैकुंठ नाथ शुक्ल, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Fri, 12 Jun 2020 01:08 PM IST
सार

  • सोनाड़ी के किसान ने जिले को मशरूम का हब बनाने का लिया संकल्प
  • इंटरनेट से जानकारी लेकर शुरू की खेती, किसानों को बता रहे बारिकियां

विज्ञापन
story of farmer making the district a hub of mushrooms at deoria
औरों को भी तरक्की की राह दिखा रहे हैं स्वतंत्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया जिले के भलुअनी ब्लाक के सोनाड़ी गांव निवासी स्वतंत्र सिंह को बिजली निगम की ठेकेदारी रास नहीं आई तो उन्होंने पारंपरिक व्यवसाय खेती-बाड़ी को जीविकोपार्जन का माध्यम बना लिया। तकनीक के सहारे किसानी को नई पहचान देने में जुट गए। रबी, खरीफ से लगायत साग-भाजी की खेती में हर बार अव्वल आए और तीन बार विभिन्न मंचो पर पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त किया। अब वह देवरिया को मशरूम का हब बनाने के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं।

विज्ञापन


सन 1994 में बरहज डिग्री कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर स्वतंत्र सिंह ठेकेदारी के काम में लग गए। यूपी, बिहार, झारखंड आदि प्रांतों में जाकर बिजली निगम में ठेकेदारी की, लेकिन मन नहीं रमा। दो साल पूर्व इंटरनेट के माध्यम से तकनीकी खेती की जानकारी ली और गांव आकर जैविक विधि से धान, गेहूं की बुआई करने लगे।
विज्ञापन


23 दिसंबर को पथरदेवा में आयोजित किसान दिवस समारोह में बेहतर फसल उत्पादन करने पर प्रदेश कृषि मंत्री ने सात हजार का चेक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व वह लखनऊ में आयोजित साग-भाजी प्रतियोगिता तृतीय व गोरखपुर महोत्सव के किसान सम्मलेन में प्रथम पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चार प्रजातियां सबसे कारगर

स्वतंत्र सिंह का कहना है कि अब यह जिला चीनी का कटोरा तो नहीं रहा लेकिन मशरूम का हब जरूर बन सकता है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए वह जिले के किसानों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

स्वतंत्र सिंह इन दिनों दस हजार वर्ग फुट में मशरूम की खेती कर रहे हैं। साथ ही अन्य किसानों को उम्दा क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराकर खेती की बारीकियां बता रहे हैं। यहां के वातावरण में आयस्टर, मिल्की, पैडीस्ट्रा, बटन और हीरेसियम प्रजाति के मशरूम की पैदावार अच्छी हो रही है।

ऐसे हो रही मशरूम की खपत
स्वतंत्र सिंह बताते हैं कि मशरूम सिर्फ सब्जी के काम नहीं आता। इससे अचार, मोरब्बा, पाउडर, बिस्किट, फेसवॉस आदि भी तैयार होते हैं। जल्द ही प्रवासी मजदूरों को इसकी निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed