तरक्की: पढ़िए इस शख्स की कामयाबी की कहानी, जिसने मेहनत और जज्बे के दम पर दो हजार लोगों को दिया रोजगार
बर्डपुर में है पूर्वांचल की सबसे अधिक क्षमता की हैचरी। यहां प्रति दूसरे दिन पैदा होते हैं 9-10 हजार चुजे।
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सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर में पूर्वांचल की सबसे अधिक क्षमता वाली ब्राइलर पैरेंट्स फार्मिंग (हैचरी) है। यहां प्रति दूसरे दिन 9 से 10 हजार चूजे पैदा होते हैं। तीन वर्ष में इस प्रोजेक्ट का टर्नओवर 3.5 करोड़ रुपया वार्षिक हो गया है। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रोजेक्ट से दो हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। यह संभव हुआ बर्डपुर के किसान डॉ. अजय रावत की दृढ़ इच्छाशक्ति से। उत्तर प्रदेश कुक्कुट परियोजना के अनुदान से उन्होंने तरक्की का नायाब नमूना पेश किया है।
प्रोजेक्ट के संचालक डॉ. अजय रावत ने बताया कि छह एकड़ क्षेत्र में वर्ष 2018 में हैचरी बनाई गई है। उत्तर प्रदेश कक्कुट विकास नीति 2018 से 22 के अंतर्गत उन्होंने 2.06 करोड़ रुपये ब्याज रहित ऋण प्राप्त किया था, जबकि 65 लाख रुपये पूंजी उन्होंने खुद लगाई। नवीनतम तकनीकी और सक्रियता की बदौलत उन्होंने तीन वर्ष के अंदर यूनिट की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर दी।
दोनों यूनिट में 44 कर्मचारी नियमित कार्य करते हैं, जबकि सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज के साथ बलिया और आजमगढ़ की सीमा तक के मुर्गी फार्म में यहां के चूजे पाले जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
अमेरिकन बर्ड के चूजे
डॉ. अजय रावत ने बताया कि राजनीति शास्त्र में पीएचडी करने के बाद उन्होंने कुछ अलग करने की कोशिश की। उन्होंने इंडियन पोल्ट्री इंस्टीट्यूट पुणे से डिप्लोमा करने के साथ कई नेशनल सेमिनार में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट शुरू किया। वर्ष 2017 में वे बैंकॉक में हुए इंटरनेशनल सेमिनार में प्रशिक्षण लेने गए थे। उन्होंने बताया कि यूनिट में अमेरिकन बर्ड के चूजे पैदा किए जाते हैं, जिसमें मांस ज्यादा होता है।
21 दिन में अंडे से निकलते हैं चूजे
अमेरिकन बर्ड के पैरेंट्स चूजे की कीमत करीब 350 रुपये होती है। एयरकंडीशन के माध्यम से मुर्गियों को 29 से 31 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाता है। मुर्गी जब अंडे देने की स्थिति में होती है तो उसकी कीमत 1650 तक पहुंच जाती है। एक मुर्गी 18 माह तक अंडे देती है। औसतन वे 142 चूजे पैदा करती हैं। उसके बाद मुर्गियों को मीट प्रोसेसिंग यूनिट में बेच दिया जाता है। एक मुर्गी 6.5 से 7 किग्रा की होती है। यूनिट के ऑपरेटर ट्रे में अंडे रखकर मशीन में सेट कर देते हैं। हैचरी में 21 दिन बाद उसमें चूजे तैयार हो जाते हैं, आवश्यकतानुसार तापमान में रखा जाता है तो चूजे बाहर निकल जाते हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेदव्रत गंगवार ने बताया कि बर्डपुर में पूर्वांचल की सबसे अधिक क्षमता वाली हैचरी है। इसमें प्रबंधन और साफ-सफाई बेहतर होती है। इसके संचालक विदेशी तकनीकी को भी अपनाने में सक्रिय रहते हैं। आधा दर्जन से अधिक जिले में दो हजार से अधिक लोगों को इस प्रोजेक्ट से रोजगार मिल रहा है।