गोरखपुर के लाल को मिली कश्मीर में सेना की कमान, बेटा भी मेजर के पद पर है कार्यरत
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कश्मीर घाटी में चल रहे आतंक विरोधी ऑपरेशन के साथ पाकिस्तान से लगी सीमा की निगरानी का जिम्मा गोरखपुर के लाल ले. जनरल डीपी पांडेय को मिला है। उन्हें कश्मीर में तैनात 15वीं कोर की कमान सौंपी गई है। भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर रहने के बाद ले. जनरल पांडेय ने अब कश्मीर की कमान संभाली है। इससे पहले वह टेरिटोरियल आर्मी के डीजी के पद को संभाल चुके हैं। टेरिटोरियल आर्मी के वह पहले डीजी बने थे, इससे पहले यहां का मुखिया एडीजी हुआ करता था।
ले. जनरल डीपी पांडेय मूलरूप से बड़हलगंज क्षेत्र के पजुआपार गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनका परिवार गोरखपुर से 10 किमी दूर स्थित मोतीराम अड्डा के पास स्थित अमहिया में रहता है। इनके भाई प्रवीण कुमार पांडेय गोरखपुर में ही रहते हैं। ले. जनरल पांडेय के पिता पुरुषोत्तम पांडेय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे।
ले. जनरल पांडेय के एक बेटे भी आर्मी में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। ले. जनरल पांडेय ने गोरखपुर के कार्मल स्कूल और उसके बाद केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई की। बाद में वह पढ़ने के लिए आईआईटी दिल्ली चले गए।
पूर्वांचल के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
गोरखपुर और पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों से बड़ी संख्या में युवा सेना में जाते हैं। गोरखपुर की धरती से निकलकर कश्मीर में सेना की कमान संभालने वाले ले. जनरल से पूर्वांचल के युवा और प्रेरणा लेंगे।
मंडल से तीसरे लेफ्टिनेंट जरनल बने डीपी पांडेय
डीपी पांडेय गोरखपुर मंडल में तीसरे लेफ्टिनेंट जनरल बने हैं। इससे पहले देवरिया के बरपार गांव निवासी श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी और देवरिया के आरपी शाही लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं।