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इस शिव मंदिर के बगल में बना है समाधि, लोग मानते हैं हिंदू- मुस्लिम एकता का प्रतीक
Sat, 06 Jun 2020 12:59 PM IST
vivek shukla
इंद्रेश यादव, धनघटा (संतकबीरनगर)।
इंद्रेश यादव, धनघटा (संतकबीरनगर)।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 06 Jun 2020 12:59 PM IST
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बाबा कुबेरनाथ शिव मंदिर
- फोटो : अमर उजाला।
संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में स्थित बाबा कुबेरनाथ शिव मंदिर हिंदू- मुस्लिम एकता का प्रतीक है। सैकड़ों वर्ष पहले झड़ियों में मिले शिवलिंग के चारों तरफ मंदिर बना कर पूजा- अर्चना की जा रही है, लेकिन शिवलिंग के ऊपर छत लगाने के प्रयास के दौरान अनहोनी घटनाओं की वजह से आज तक छत नहीं लग पाया।
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सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा भोलेनाथ के पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जन श्रुतियों के अनुसार आज से सैकड़ों वर्ष पहले मोहम्मदपुर गांव निवासी बुल्ला चाचा नामक वृद्ध गांव के बाहर बकरी चराते समय झाड़ियों में शिवलिंग देखा था।
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उनके शोर मचाने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शिवलिंग देख दंग रह गए। उसके बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करने श्रद्धालु पहुंचने लगे। गांव निवासी अयोध्या नायक, राधेश्याम, गिरीश चंद्र नायक, अलगू प्रसाद तिवारी, राम सहाय यादव आदि बताते हैं कि सदगुरू पांडेय के नेतृत्व में वहां मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन जब शिवलिंग के ऊपर छत लगाने की बारी आई तो अनेकानेक तरह की दैवीय आपदाएं आने लगी।
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नहीं लग पाया छत
इससे छत निर्माण कार्य बंद कर देना पड़ा तभी से तीन बार शिवलिंग के ऊपर छत निर्माण का प्रयास किया गया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होते ही आपदाएं शुरू हो जाती हैं। जिसके कारण शिवलिंग के ऊपर गुंबद का निर्माण आज भी नहीं हो सका है।
उसके चारों तरफ मंदिर का निर्माण करके वहां पूजा पाठ किया जा रहा है। इस मंदिर पर महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और जलाभिषेक करके बाबा भोलेनाथ से अपनी मन्नतें मांगते हैं। श्रद्धालुओं में हिंदू और मुस्लिम भी शामिल रहते हैं।
गांव वालों का कहना है कि प्रथम बार शिवलिंग का दर्शन करने वाले बुल्ला चाचा की समाधि भी मंदिर के बगल में बनाई गई है, जहां लोग मत्था टेकते रहते हैं। बाबा कुबेरनाथ शिव मंदिर मोहम्मदपुर इस क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना हुआ है।
उसके चारों तरफ मंदिर का निर्माण करके वहां पूजा पाठ किया जा रहा है। इस मंदिर पर महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और जलाभिषेक करके बाबा भोलेनाथ से अपनी मन्नतें मांगते हैं। श्रद्धालुओं में हिंदू और मुस्लिम भी शामिल रहते हैं।
गांव वालों का कहना है कि प्रथम बार शिवलिंग का दर्शन करने वाले बुल्ला चाचा की समाधि भी मंदिर के बगल में बनाई गई है, जहां लोग मत्था टेकते रहते हैं। बाबा कुबेरनाथ शिव मंदिर मोहम्मदपुर इस क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना हुआ है।